योग
हंसराज गुप्ता
जयपुर (राजस्थान)
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पतंजली का चित्तवृत्ति निरोध,
योगेश्वर कृष्ण का समत्व बोध.
नित्य सब लोग, करेंगे योग.
होंगे बलवान सुखी नीरोग,
युक्ति युक्त सोयें, खेलें खायें,
ईश गुण गायें, ना कहीं विरोध...
पतंजली का चित्तवृत्ति निरोध,
योगेश्वर कृष्ण का समत्व बोध.
सत्कर्म, ज्ञान, समर्पित भक्ति,
प्राणायाम व्यायाम की शक्ति,
प्राकृत न्याय, हों सभी सहाय,
करें स्वाध्याय, परमात्मबोध....
पतंजली का चित्तवृत्ति निरोध,
योगेश्वर कृष्ण का समत्व बोध.
सभी निर्दोष, मन में संतोष,
हर हाथ काम, पूरा परितोष.
तितिक्षा तप दान, निधि धान विधान,
रहे सबका ध्यान, वैश्विक अवबोध...
पतंजली का चित्तवृत्ति निरोध,
योगेश्वर कृष्ण का समत्व बोध.
शुद्ध जल जीवन, पवन उपवन,
साफ आकाश, आनन्द हवन.
सिंचित सोंधी माटी, आँचल बाल गुलाटी,
चमन भवन चौपाटी, हरी हर पौध....
पतंजली का चित्तवृ...
























