मैं आऊंगा
सुरेखा सुनील दत्त शर्मा
बेगम बाग (मेरठ)
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मैं आऊंगा......
छाएंगे जब बादल,
होगा गहन अंधेरा,
खोने की पीड़ा होगी बेहद,
इंतजार "तुमको" होगा "मेरा"
मैं आऊंगा.....
बादल बनकर बरसुगां,
सुखी बंजर धरती पर,
प्रेम की फौव्हार बरसा कर,
शीतल करने तेरा मन,
मैं आऊंगा......
तारे चमकेंगे अंबर में,
श्वेत चांदनी बिखरेगी,
तुम बन जाना चांदनी मेरी,
मैं चांद तेरा बन जाऊंगा,
मैं आऊंगा.....
शाम ढलेगी ज्वाला जलेगी,
हुक उठेगी अरमानों की,
अपना प्यार लुटाने तुझ पर,
तेरी प्यास मिटाने,
मैं आऊंगा....
कसम से.....
मैं आऊंगा....
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परिचय :- सुरेखा "सुनील "दत्त शर्मा
उपनाम : साहित्यिक उपनाम नेहा पंडित
जन्मतिथि : ३१ अगस्त
जन्म स्थान : मथुरा
निवासी : बेगम बाग मेरठ
साहित्य लेखन विधाएं : स्वतंत्र लेखन, कहानी, कविता, शायरी, उपन्यास
प्रकाशित साहित्य : जिनमें कहानी और रचनाएं प्रकाशित हुई है :-
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