ख्वाहिश
राजीव डोगरा "विमल"
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
********************
ख्वाहिश है मेरी उड़ने की
मुझे गिरना न सिखाइए।
ख्वाहिश है मेरी मोहब्बत की
मुझे नफ़रत न सिखाइए।
ख्वाहिश है मेरी जीतने की
मुझे हारना न सिखाइए।
ख्वाहिश है मेरी मुस्कुराने की
मुझे रुलाना न सिखाइए।
ख्वाहिश है मेरी जीने की
मुझे मरना न सिखाइए।
ख्वाहिश है मेरी दिल लगाने की
मुझे दिल बहला न सिखाइए।
ख्वाहिश है मेरी तेरे साथ रहने की
मुझे दूर रहना न सिखाइए।
परिचय :- राजीव डोगरा "विमल"
निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं छायाचित्र के साथ प्रकाशित क...






















