हमसफर
डोमेन्द्र नेताम (डोमू)
डौण्डीलोहारा बालोद (छत्तीसगढ़)
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मैं अपने हिसाब से गजल लिख रहां हूॅ॑,
तुम्हे देख कर एक कवल लिख रहां हूॅ॑ ।
सलामत रहें तेरी मांथे की बिंदी,
सलामत रहें तेरी हाथों की मेहदी ।
सलामत रहें तेरी प्यारी सी मुस्कान,
सलामत रहें तेरी दिल की धड़कन ।।
तुम्हारी यादों का हर पल लिख रहां हूॅ॑,
मैं अपने हिसाब से गजल लिख रहां हूॅ॑ ।
सलामत रहें तेरी काजल की लकीर,
सलामत रहें तेरी खुबसुरत स तस्वीर ।
सलामत रहें तेरी होठों की लाली,
सलामत रहें तेरी कानों की बाली ।।
फूलों में कमल लिख रहां हूॅ॑,
मै अपने हिसाब से गजल लिख रहां हूॅ॑ ।
सलामत रहें तुम्हारी तकदीर,
बरसे धरती पे जैसें अम्बर से नीर ।
सलामत रहें तुम्हारी हर मंजिल,
बस यही दुआं देता है मेरा दिल ।।
सुबह-शाम का पल-पल लिख रहां हूॅ॑,
मैं अपने हिसाब से गजल लिख रहां हूॅ॑ ।
सलामत रहें तेरी हर सुबह-...




















