सितारा
मालती खलतकर
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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नील-नील मलयानिल लहराता
यह लहराता महासागर
कहीं-कहीं उठता है धुआं
उठता है धूलबव न्डर
धुन्दधून्द छाई रहती है
रवि किरण के प्रथम चरण में
एक जैसा प्रकाश फैला लगता
चमका भारती का भालमुगुटहै
तरु पल्लव पुष्प फल है
गिराकर करती है
भारती की आरती
खगरव राग सुनाते अपनी
देते संगीत मधुर है
देखो दर्शन देने
चली आ रही भारती
मेरा भारत आज हुआ है
विश्व समर में विजयी
उठो उठो रे भारतवासी
आज हुआ है उजियारा
भारत मां के भालमुगुट का
चमका आज सितारा
परिचय :- इंदौर निवासी मालती खलतकर आयु ६८ वर्ष है आपने हिंदी समाजशास्श्र में एम ए एल एलबी किया है आप हिंदी में कविता कहानी लेख गजल आदि लिखती हैं व आपकी रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं मैं प्रकाशित होते हैं आप सन १९६८ से इंदौर के लेखक संघ रचना संघ से जुड़ीआप शासकीय सेवा से निमृत हैं पीछेले ३० वर्...

























