मैं रोता रहा
डोमन निषाद डेविल
डुंडा, बेमेतरा (छत्तीसगढ़)
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क्या से क्या हो गया,
बस यूँ ही पूछता रहा।
आया था कई उम्मीद लेकर,
पर गम के बारीश में रोता रहा।
जब गाँव से शहर आया,
घर मे उत्साह भर आया।
क्या करूँ क्या न करूँ,
क्यों बंद कमरे में रोता रहा।
लोगों को काम पे जाते देखा,
मन मुझसे सवाल करता रहा।
क्या होगा अनजान सी जगह हैं,
छत पर जाकर रोता रहा।
रिश्तेदारों के फोन आते रहे,
मुझे झूठे दिलासा देते रहे
खुश हूँ सब ठीक है कह कर,
खुद को धोखा देकर रोता रहा।
इधर-उधर घूमता फिरता रहा,
दिन रात यूँ ही गुजरता रहा।
बेटा का अरमान नही बन सका,
सोचकर फूट-फूट कर रोता रहा।
जन-जन को समझाऊँगा।
परिचय :- डोमन निषाद डेविल
निवासी : डुंडा जिला बेमेतरा (छत्तीसगढ़)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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