जय श्री महाप्रभु वल्लभ बोल
कमल किशोर नीमा
उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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एक सितारा प्रकटा था जग में वाणी में अमृत घोल।
श्रीकृष्ण: शरणम मम का मन्त्र दिया अनमोल।
श्रीनाथ ज़ी आराध्य उनके रखें उनसे हमजोल।
पद वन्दन कर मुख से जय श्री महाप्रभु वल्लभ बोल।
श्रीकृष्ण: शरणम मम का मन्त्र दिया अनमोल।
ज्ञान बुद्धि विवेक में उनसा था ना कोई मेल
पंडित ज्ञानी वेद पुराणी शास्त्रार्थ में सब फेल।
तत्व ज्ञान का बोध कराया भेद दिये सब खोल।
श्री कृष्ण: शरणम मम का मन्त्र दिया अनमोल।
बेठक चौरासी महाप्रभु की निधि बड़ी अनमोल
पारायण कर भागवत उद्धृत किये सब बोल।
आत्मसात् कर सद्गुरु वाणी अन्तर चक्षु खोल।
पद वन्दन कर मुख से जय श्री महाप्रभु वल्लभ बोल।
एक सितारा प्रकटा था वाणी में अमृत घोल।
भक्ति पुष्टि का अलख जगाया सेवा विधि बोल।
श्री कृष्ण की लीलाओं से परत पड़ी दी खोल।
जनम सफल कर प्राणी अष्टाक्षर मन्त्र बोल।
श्र...
























