लोगो की दिलो में रहना सीखे
प्रमेशदीप मानिकपुरी
भोथीडीह, धमतरी (छतीसगढ़)
********************
लोगो की सोच में नहीं दिलो में रहना सीखे
मुहब्बत अपनों से नहीं जँहा से करना सीखे
धन दौलतआनी जानी पुरुषार्थ कमाना सीखे
लोगो की सोच में नहीं दिलो में रहना सीखे
जब लेखन को बैठे दिल की कलम से ही लिखें
लेखनी चले तो जीवन संघर्ष की कहानी लिखें
मुक़ददर का लिखा मिलेगा कर्म करना सीखे
लोगो की सोच में नहीं दिलो में रहना सीखे
मधुर संबंधों की प्रति पल जग में जीत लिखें
मधुर मुस्कान के साथ जीवन के गीत लिखें
सीखने को जीवन कम है,हर पल नया सीखे
लोगो की सोच में नहीं दिलो में रहना सीखे
आओ सब मिलकर जीवन को मधुर बनाये
मिला जितना जीवन खुशियों से उसे सजाये
निशदिन जीवन मे एक नई इबारात सीखे
लोगो की सोच में नहीं दिलो में रहना सीखे
जीवन मे बढ़ते बढ़ते मंजिल तक जाना है
राह कठिन है मगर मंजिल तो पहचाना है
मिलेगी मंजिल तय है कर्म कर...
























