कमल बनके खिलना होगा
डॉ. संगीता आवचार
परभणी (महाराष्ट्र)
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नारी तुम्हें कमल बनके खिलना होगा,
कीचड मे भी साफ-सुथरा चलना होगा!
नारी तुम्हें सन्तान का हित देखना होगा,
संतान को सम्पत्ती के मोह से दूर रखना होगा!
नारी तुम्हें दिमाग का खूब इस्तेमाल करना होगा,
खुद की ताकद को नेकी मे ढालना होगा!
नारी तुम्हें हर काम यूँ ढंग से करना होगा,
राष्ट्र की उन्नति मे हरदम हाथ बंटाना होगा!
नारी तुम्हें सबको सम्भालते हुए चलना होगा,
मानवजाती की गरिमा को बनाए रखना होगा!
नारी तुम्हें परिवार को साथ तो बनाये रखना होगा,
पर स्वार्थों से परे खुद का किरदार लिखना होगा!
नारी तुम्हें खुद का दामन बचाए रखना होगा,
बेदाग अपने दामन को हर पल लहराना होगा!
नारी किसी के बहकावे मे आना अच्छा न होगा,
दिलोदिमाग को साथ चलना सिखाना होगा!
नारी तुम्हें खुद की नींव को मजबूत करना होगा,
नित प्रगती से निर...





















