सफर बापू का ….
शैलेष कुमार कुचया
कटनी (मध्य प्रदेश)
********************
करम चंद और पुतली बाई
के यहाँ जन्मा बालक वो
मोहन गांधी था....
शुरू से ही देशभक्ति
भरपूर भरी थी,
विदेश गए
बेरिस्टर बन लौटे
हिंदुस्तान से प्यार था.....
देश को एकजुट किया,
नमक कानून तोड़ दिया....
सत्य अहिंसा के बूते
आजाद हिंदुस्तान किया,
फिरंगी के जुल्मो का
उनने व्रत से जवाब दिया....
सबको लेके चलते थे वो,
तभी तो बापू नाम मिला....
ऐनक छड़ी और खादी
जिनकी पहचान हुई,
अपना कार्य स्वयं करो
बापू ने सिखलाया है....
भारत की आजादी की अब में
असल कहानी बताता हूँ
बापू के अहिंसा से और
क्रांतिकारियो की ताकत की
वो जुगलबंदी काम आई
गोरो भारत छोड़ो सुनकर ही
गुलामी जाती दी दिखलाई दी.....
परिचय :- शैलेष कुमार कुचया
मूलनिवासी : कटनी (म,प्र)
वर्तमान निवास : अम्बाह (मुरैना)
प्रकाशन : मेरी रचनाएँ गहोई दर...

























