चंदा को धरती पर लाऊँ
कंचन प्रभा
दरभंगा (बिहार)
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कभी दिल करे
आसमां के पंछी के संग दौड़ लगाऊँ
कभी गर्मी मे मटके मे घुस कर
मै भी ठंढ़ा हो जाऊँ
तारों के संग मै
जी भर आँख मिचौली खेलूँ
कभी सूरज के ऊपर चढ़ कर
चादर ओढ़ कुछ देर सो लूँ
कभी दिल करे
तितली के पीठ पर बैठ कर
आसमान की सैर लगाऊँ
कभी हाँथी को चुटकी मे ले कर
मै भी उससे आँख लड़ाऊँ
कभी दिल करे
दोस्तो के संग मै नदी के ऊपर
करुँ पढ़ाई
चार मंजिले इमारत पर भी
मै बिन सीढ़ी करुँ चढ़ाई
कभी दिल करे
टेलीविजन मे घुस कर
सारे चाकलेट मै ही खा लूँ
कभी रेडियो मे घुस कर मै
बन्दर मामा गाना गा लूँ
कभी दिल करे
गर्मी की छुट्टियों मे चंदा मामा
के घर उड़ कर जाऊँ
मम्मी पापा से मिलवाने
चंदा मामा को धरती पर लाऊँ
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परिचय :- कंचन प्रभा
निवासी - लहेरियासराय, दरभंगा, बिहार
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