खामोश यादें
डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
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मैं गूंजता रहूंगा तेरे शहर में
तेरी यादों के संग।
मैं अकेला ही सही
पर फ़िरता रहूंगा हर जगह
तेरी खामोशी को ले अपने संग।
लोग पूछेगे मुझें जब
क्या दर्द है तुम्हें?
मगर मैं फिर भी
चुपचाप फिरता रहूंगा
सीने में दफन की
तेरी खामोश यादों को ले संग।
मैं लिखता रहूंगा
हर जगह इश्क़
लोग पूछेंगे मुझे
कौन है हमराही तेरा?
तो मैं चुपचाप हंसता रहूंगा,
तेरी मुस्कुराहट को याद कर।
परिचय :- डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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