विश्व शान्ति की प्रतीक हिंदी
रामेश्वर दास भांन
करनाल (हरियाणा)
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हिंदी है हम सब की भाषा,
मिलकर इसका सम्मान करो,
हिंदी में संवाद कर,
हिंदी का गुणगान करो,
प्यार प्रेम दर्शाने वाली,
करूणा की मुर्त है,
एक दूसरे से जोड़ती,
ऐसी इसकी सूरत है,
हिंदी को दो प्राथमिकता,
ताकि विचार विचार बढ़े आगे,
देश के सम्मान में,
हिंदी का गुणगान बढ़े आगे,
अज्ञानता से निकालकर,
ज्ञानी हमें बनाती है,
दुनियां में जीने के,
सारे ढंग दिखाती है,
हिंदी जोड़ती है आपस में,
समुचे भारत वर्ष देश को,
हिंदी देती है सभी जनों में,
भाईचारे के संदेश को,
गौरव गाथा है अपार इसकी,
वैभव गौरवशाली है,
विश्व शान्ति की प्रतीक,
भाषा यह निराली है,
ऋषि मुनियों की धरती पर,
हिंदी का स्थान करो ऊंँचा,
पताका इसकी फहरे विश्व में,
ऐसा सम्मान करो ऊंँचा,
परिचय :- रामेश्वर दास भांन
निवासी : करनाल (हरियाणा)
घोषणा ...




















