शिव भक्ति
किरण पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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सावन का महीना अति पावन
करते सब भोले का वंदन,
श्रद्धा विश्वास के प्रतीक है
शंकर शक्ति के आराध्य है शंकर।
अमर कथा के व्यास हे शंकर,
गोरा को कथा सुनाएं शंकर,
पार्वती ने तब किया सावन मैं,
"श्रावणे पूजयते शिवम्"
दान धर्म का फल है सावन
अविरल भक्ति का महीना है सावन।
समुंद्र मंथन हुआ सावन में,
विष का पान किया शंकर ने,
नीलकंठ प्रभु नाम धराया,
जग को विष से बचाए शंकर,
चंद्रमा शिव शीश सुहाय,
जटा में गंगा हे लिपटाए,
गले मुंड की माला सुहाय,
शेषनाग धारे शिव शंकर।
त्रिनेत्र त्रिशूल हाथ में
अंग भस्म लगाए शंकर,
बेलपत्र शिव शंकर प्यारा,
सत रज तम का प्रतीक हे न्यारा।
सौम्य रूप कभी हे प्रलयकर,
रौद्र रूप धारी शिव शंकर,
हाथ में डमरू जटा सजाए,
तांडव नृत्य करे शिव शंकर,
त्रिनेत्र प्रलयंकरकारी पल में
प्रलय करे शिव श...















