
रूपेश कुमार
(चैनपुर बिहार)
********************
दीपो का दिवाली आयी है,
दीप जगमगाते दिवाली आयी है,
मीठे मीठे मिष्ठान लेकर आयी है,
लाल, पीले, हरे, नारंगी लेकर आयी है,
धरती के मिट्टी से दीप जलाएंगे,
दुनिया मे प्रेम का मिलन कराएंगे,
चक-मक दीपों का त्यौहार आयी है,
दीपों का पर्व दीपावली आयी है,
फुलझड़ी, अनार, चिटपुटीया का पर्व आयी है,
मोमबत्ती, रंग बिरंगे मिठाइयों का पर्व आयी है,
आपस मे मिलकर धर्म-जाति का पर्व आयी है,
दीपो से दुनिया का उजाले करने का पर्व आयी है,
बम-बारूद पटाखे से,
विषाणुओं को समाप्त करने का त्यौहार आयी है,
मनुष्यों का अस्तित्व बचाने का त्यौहार आयी है,
दुनिया मे रोशनी, उजाले करने का पर्व आयी है,
हिंसा पे अहिंसा से,
विजय दिवस मनाने का त्यौहार आयी है,
अशांति पे शांतिपूर्ण तरीके से जीतने का पर्व आयी है,
दीपों का पर्व दीपावली आयी है!
परिचय :- रूपेश कुमार
शिक्षा – स्नाकोतर भौतिकी, इसाई धर्म (डीपलोमा), ए.डी.सी.ए (कम्युटर), बी.एड (महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड यूनिवर्सिटी बरेली यूपी) वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी !
निवास – चैनपुर, सीवान बिहार
सचिव – राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान
प्रकाशित पुस्तक – मेरी कलम रो रही है
सम्मान : कुछ सहित्यिक संस्थान से सम्मान प्राप्त !
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻
आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा जरुर कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉 hindi rakshak manch 👈… राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

























