Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Tuesday, July 21राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

मोक्ष पथ के सूत्र

संजय जैन
मुंबई (महाराष्ट्र)
********************

दर-दर का मारा भी
प्रभु भक्ति से बन गया।
सभी की आंखों का तारा।
और प्रभु भक्त कहलाया।।

सवाल यह नहीं है कि
भगवान है या नहीं ?
अपितु सवाल यह है कि
तुम्हारे हृदय में भगवान को।
विराजमान के लिये क्या
कुछ स्थान है या नहीं।।

दुराग्रह एवं आलस्य से मूर्खता
तथा दुर्भाग्य का जन्म होता है।
गुरुभक्ति और प्रभुभक्ति से
शुभफल का उदय होता है।
तभी घर में सुखशांति और
धर्म की प्रभावना बहती है।
और घर का वातावरण फिर
स्वर्ग जैसा बन जाता है।।

सीखना कभी न छोड़िये,
क्योंकि जिंदगी में हमेशा।
परीक्षा देना पड़ती है
इसलिए स्वाध्यावी बने।
विध्दमानों के प्रवचन सुने
और नियमित मंदिर जाये।
आपका पुण्य उदय बढ़ेगा
और जीवन सफल बनेगा।

जो पाप से संचित किया जाता है
वह परिग्रह है और।
जो पुण्योदय से प्राप्त होता है
वह सम्पदा है।
इसलिए पाप से बचे और
पुण्य के लिए परिग्रह को त्यागे।
और दया दान धर्म के पथ को
अपने जीवन के लिए चुने।।

भय औऱ आशक्ति का
त्याग करने पर ही।
सच्चे सुख की प्राप्ति होती है।
इसलिए अपनी शक्ति को
यहाँ वहाँ पर बर्बाद न करे।
और अपनी शक्ति का आप
सही जगह पर उपयोग करें।।

जो मूर्खों को चुप करा दे और
विद्वानों की चुप्पी खुलवा दे।
उसे हम आप और समाज
बुद्धिमान व्यक्ति कहते हैं।
यह तभी संभव हो सकता है
जब आपका ज्ञान अच्छा होगा।
इसलिए ग्रंथो का स्वाध्याय
धर्य और गंभीरता से करे।।

पूर्वजन्म के अच्छे कर्मो के कारण
आपको मनुष्य पर्याय मिला है।
इसलिए इसका सदुपयोग करें
और ब्रा.भैया संदीप “सरल” जी के
चिंतन सूत्रो का मनन करें।
जिसे शब्दो की माला में
संजय ने एक साथ पोया है।
जो मोक्ष पथ को पाने के लिए
श्रुत आराधना, श्रुतधाम से जोड़ने का प्रयास है।
जिससे आपका मानव जीवन सफल बन जाये।।

परिचय :- बीना (मध्यप्रदेश) के निवासी संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं। करीब २५ वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन में सक्रिय हैं और इनकी रचनाएं राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच (hindirakshak.com) सहित बहुत सारे अखबारों-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहती हैं। ये अपनी लेखनी का जौहर कई मंचों पर भी दिखा चुके हैं। इसी के चलते कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। आप मुम्बई के नवभारत टाईम्स में ब्लॉग भी लिखने के साथ-साथ मास्टर ऑफ़ कॉमर्स की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले संजय जैन कॊ लेख,कविताएं और गीत आदि लिखने का बहुत शौक है, आप लिखने-पढ़ने के ज़रिए सामाजिक गतिविधियों में भी हमेशा सक्रिय रहते हैं।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻

आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा जरुर कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय  हिन्दी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉 👉 hindi rakshak manch  👈… राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें….🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *