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Tag: कमल किशोर नीमा

जपें राम या श्याम
भजन

जपें राम या श्याम

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** होती है भक्ति, होती है पूजा, आते वहीं श्रीराम। होती है पीड़ा,होती है करुणा, आते वहीं श्याम। होती ... शक्ति का दुरुपयोग ना होता, होते नहीं नराधम। युग युग में अवतार लेकर, आते ना धरा पर राम। होती ... सक्षम होकर अन्याय देखते, लगाते नहीं लगाम। चुप रहने पर देखना पड़ता हैं इसका दुष्परिणाम। होती ... अधर्मियों से ही होता है, पाप कर्मों का आयाम। मानवता की राह दिखाने, इस धरती पे आते राम। होती ... जीवन जीना कला है चाहे, शांति हो या संग्राम। कर्म सबके उत्तरदायी, इस धरा पर ही परिणाम। होती ... मानव तन का इस श्रृष्टि मे, सब से उच्च मुकाम। राजा हो या फिर रंक सभी के, पालक है श्री राम। होती ... एक ही माया,एक ही है काया, सुंदर दोनों नाम। चाहे पुकारें राधा कृष्ण, चाहे पुकारों सीताराम। होती ... परिचय :- ...
देव भूमि भारत
भजन

देव भूमि भारत

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** स्वर्ग सी सुंदर धरा भारत, अनेकों इसके प्रमाण है देव भूमि भारत माता पर, हम सब को अभिमान है स्वर्ग सी सुंदर … राम, कृष्ण, महावीर, बुद्ध के हुए यहाँ अवतार है सनातन की संस्कृति ही, इसका मुख्य आधार है सही राहों पर चले उसका, होता स्वप्न साकार है देव वाणी गीता का ज्ञान, सब धर्म ग्रंथ का सार है स्वर्ग सी सुंदर … पर्वत राज हिमालय, इस मात्र भूमि की शान है सन्त ,महात्मा तप कर, पाते आध्यात्मिक ज्ञान है हरी भरी वादियों में छुपा, औषधियों का विज्ञान है गंगा, यमुना, सरस्वती नदियों का उद्गम स्थान है स्वर्ग सी सुंदर … वीरों की जननी धरती, गाथा इतिहास में महान है मात्र भूमि की रक्षा में अपने, आहुति किए प्राण है अनेकों धर्म, अनेक भाषा, विशेषता की पहचान है भारत भूमि सारे जगत मे, यह सबसे पुण्य स्थान है स्वर्ग सी सुंद...
प्रतियोगिता
मेरे विचार

प्रतियोगिता

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** याद आते हैं बचपन के वो दिन जब हम विद्या अध्यन के लिए स्कूल जाते थे। विद्यालय मे वर्ष मे एक दो बार विद्यार्थियों मे बोलने की कला सीखने के लिए वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाती थी। एक निश्चित विषय के ऊपर स्कूल के होनहार छात्र पक्ष अथवा विपक्ष मे बोलने के लिये भाग लेते थे। हम केवल श्रोता की श्रेणी मे आते थे, प्रतियोगिता मे भाग लेने की योग्यता नहीं थी, लेकिन इस प्रतियोगिता से कभी कोई मन मे कड़वाहट नहीं आती थी। संयोग से ग्यारहवीं कक्षा पास होते ही स्थानीय शासकीय विभाग मे नौकरी प्राप्त हो गई। जहाँ हमें विभाग के एक उच्च अधिकारी महोदय के स्थानान्तरित होने पर अपने विचार व्यक्त करने के लिये कहा गया। संकोच वश न चाहते हुए भी जीवन में पहली बार हमने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, हमारे साहब हमसे बिदा होकर जा रहे है, आप बहुत अच्छे व्यक्ति थ...
दुनिया एक रंग मंच
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दुनिया एक रंग मंच

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** जरा मन की अंखियॉ खोल यह जीवन बड़ा है अनमोल। जरा मन …. यह दुनिया एक रंग मंच है। अलग अलग है सबके रोल। कोई सनातन की सोच रखता। कोई पिपासु रक्त का घोल। जरा मन …. राह चुनते सब अपनी अपनी। गन्तव्य सब का एक ही ठोर। ज्ञान,बुद्धि, विवेक से सबको। मिलता है अभिनय का मोल। जरा मन …. साँसों से हैं जब तक रिश्ता। जीवन है तभी तक अमोल। होगा कल कहाँ ठिकाना। इस दुनियाँ का चक्र है गोल। जरा मन …. कर्म फल से भाग्य बँधा है। यादों से उसका होता तोल। ख़ाली हाथ जायेगा जब तू। रेह जाएँगे केवल तेरे बोल। जरा मन …. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक : १४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्...
जन सेवक- जनता
व्यंग्य

जन सेवक- जनता

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** हम जनता है, जन सेवक बनाना हमारा मौलिक अधिकार है ।जन सेवक बनने के लिए किसी को भी कोई विश्व विद्यालय की डिग्री की आवश्यकता नहीं है। जन सेवक बनने की शुरुआत अपने क्षेत्र मे छोटे-छोटे अपराधों जैसे कोई मारपीट या छेड़खानी आदि से शुरू कर सकते है। आप को कुछ माह की जेल भी हो सकती है लेकिन आपको कोई चिंता नहीं करनी चाहिये क्योंकि जेल मे रहकर वहाँ का अनुभव आप को आगे भी काम आयेगा। जेल मे रहने से आपकी पहचान पुलिस महकमे के साथ साथ बड़े अपराधियों से भी होगी जिससे आप को हौसला मिलेगा और आप आगे बढ़ेंगे। आप बड़े अपराध जेसे हप्ता वसूली शहर के बड़े लोगों को डराने, भू माफियाओं आदि के काम से आपका नाम अख़बारों मे व टीवी चैनलों के माध्यम से फेमस होगा। यदि आप लोगों की भावनाएं भड़का कर दंगा फसाद करवाते है तो इससे भी आप को कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि पुलिस आ...
रोम-रोम आनंदित करदे …
भजन

रोम-रोम आनंदित करदे …

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** रोम-रोम आनंदित करदे, जगत का पालन हारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। प्रेम रस की मूरत है वो, सब से है वो न्यारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। छवि निहारे जब जब, लगता है सब से दुलारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। मोर मुकुट पिताम्बर धारी, मोहन मुरली वाला। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। गिरि धारी वो कुंज बिहारी, नैनों का है तारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। रंग रसिया के रंग मे रमा है, बृज मंडल सारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। युगों मे अवतरित होता है, धर्म का ये रखवाला। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। भक्तों के कष्टों को हर, कर देता है उजियारा। वो श्री कृष्ण है प्य...
सेवा निवृत्त और छड़ी
संस्मरण

सेवा निवृत्त और छड़ी

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** सेवा निवृत्त होने पर मन अत्यंत प्रसन्न था। सुबह से शाम तक रोज़ाना की भागदौड़ से छुटकारा मिलने की ख़ुशी के साथ यह सोचते हुए घर लौट रहा था कि आज घर मे सब लोग बहुत ख़ुश होगे किन्तु रोज़ आफिस से घर लौटने पर चाय पानी से स्वागत करने वाले आज कोई भी चाय व पानी के लिये नहीं पूछ रहा था। घर का वातावरण एकदम शांत लगने पर मेने पत्नी से पूछा सब ठीक है, उसने भी हाँ मे अपना सिर हिला दिया। ईश्वर कृपा से बच्चे शिक्षा पूरी कर अच्छे ओहदे पर नौकरी कर रहे थे। घर की समसत रुप से ज़िम्मेदारी पूरी कर भविष्य के जीवन यापन के लिये पर्याप्त धन संचय के साथ किसी प्रकार की चिंता फ़िक्र नहीं थी। समय के इस बदलाव के साथ सुबह देरी से उठना, अनियमित समय भोजन करना, टीवी के सामने दिन गुजारना व देर रात तक जागने के कारण स्वभाव मे चिड़चिड़ापन के साथ स्वास्थ्य भी कुछ ख़राब र...
हमारी संस्कृति
आलेख

हमारी संस्कृति

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** बचपन से अब तक यह हमारी संस्कृति है सुनता आ रहा हूँ किन्तु हमारी संस्कृति क्या है यह आज तक समझ नहीं पाया हूँ। हमारी संस्कृति कोई कला, विज्ञान, वस्तु अथवा क़ानून है जिसके अनुसार हमें चलना चाहिए। संस्कृति के विषय में कोई ग्रन्थ या नियमावली हो तो उसका मुझे ज्ञान नहीं। संस्कृति के विषय मे विभिन्न धर्मों के मठाधीश, स्वयंभू संस्कृति बचाओ रक्षक व हमारे देश के कर्णधार नेताओं के द्वारा समय समय पर चलाए गए आंदोलन और हमारे देश के शुभचिंतक समाचार माध्यमों से पक्ष विपक्ष में कराई जाने वाली बहस के माध्यम से ही संस्कृति बारे में जानकारी प्राप्त होती है ।मैने एक परिचित बुजुर्ग व्यक्ति जो आध्यात्मिक विषय में अधिक रूचि रखते हैं ,उनसे जिज्ञासा वश पूछा संस्कृति क्या है? यदि कोई जानकारी हो तो बताएँ। उनके मतानुसार जो हमारे ऋषि मुनियों व पूर्वजों ने अतीत ...
हिंदी करती प्रेरक मुझे
कविता

हिंदी करती प्रेरक मुझे

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** हिंदी करती प्रेरक मुझे। हिंदी मे लेखन करता हूँ। हिंदी है मेरी मातृभाषा। हिंदी मे गीत सुनाता हूँ। हिंदी….. हिंदी भाषा का उपासक हूँ। हिंदी भाषा पर आसक्त हूँ। हिंदी ही हिन्द की शान है। हिंदी पर मुझे अभिमान है। हिंदी…. बहु भाषी देश होने पर भी। हिंदी का जो मान बढ़ाते है। हिंदी लेखों से प्रेरित होकर। हिंदी को सुमन चढ़ाता हूँ। हिंदी…. हिंदी सेवा में समर्पित होते जीवन जो अपना लगाते है कर्म योगी डॉ. पवन जी को मैं अपना शीश नमाता हूँ हिंदी.... हिंदी का विश्व सम्मान करें हिंदी भाषा के प्रति आन बढ़े हिंदी रक्षक मंच से जुड़कर के मैं जय हिंद जय हिंद गाता हूँ हिंदी…. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक : १४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आप...
रंग रसिया
भजन

रंग रसिया

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** होली खेलने बरसाना श्याम आया ग्वाल बालों की टोली संग लाया। प्रेम रसिया सब के मन को भाया राधा रानी को देख मन मे हर्षाया। होली….. सम दृष्टि है वो, कर्ता श्रृष्टि भी वो सारे रुपों मे है उसकी ही माया। भक्ति रस मे भाव विभोर भक्तों को अपने स्वरुप का दर्शन कराया। होली….. रगों का ग़ुबार बन छाया गगन मे केशरिया रंग श्याम के मन भाया। होली के रुप मे प्रेम की वर्षा कर रंग रसिया जगत मे वो कहलाया। होली….. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक : १४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि में गहन रूचि रही है। व्यवसाय सेवा : आप सार्वजनिक स्वास्थ्य वि...
पुण्य भूमि भारत
कविता

पुण्य भूमि भारत

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** भारत भूमि को दुनियां मे सब से बड़ा तीर्थ मान। इस भूमि को भारतवासी देते माता का सम्मान। भारत भूमि…. देवत्व भूमि यह अनेकों देवताओं का है धाम। जन मानस मे रचे बसे है राधा कृष्ण और राम। देव वाणी हमारे जन मानस के मन मे गुंजायमान। देव वाणी से परिपूर्ण है हमारा गीता ग्रंथ महान। भारत भूमि…. इस भूमि पर पले बढ़े हुए अनेकों धर्म महान। धर्म रक्षा के ख़ातिर अवतरित हुए है यहाँ स्वयं भगवान। सनातन की भावना देखती सब को एक समान। युग युग से यह पावन भूमि कहलाती धर्म प्रधान। भारत भूमि…. वेद पुराणों अनेकों ग्रंथों मे है इसकी गाथा। आया जो भी इस धराती पर शरण इसकी पाता। अहिंसा परम् धर्म है मूल मन्त्र इसकी पहचान। पूरे भारत मे होता है इसकी महिमा का गुणगान। भारत भूमि….. पर्वत राज हिमालय पर है इस धरती को अभिमान। मानसरोवर है पावन गंग...
हिन्दी है हम – प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त रचना
कविता

हिन्दी है हम – प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त रचना

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** विश्व हिंदी दिवस १० जनवरी २०२६ पर आयोजित कविता लिखो प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त रचना हिन्दी है हम, हिन्दुस्तान ये हमारा। फिर क्यों न मने हिंदी दिवस प्यारा। हिन्दी है … भाषाएँ अनेक, हिंदी सब मे सितारा। हिंदी सर्वव्यापी जोड़ने की सूत्रधारा हिन्दी है… ओम् है सृष्टि , मस्तक पर है बिन्दी। भाषाएँ रहें अधूरी हो न जहाँ हिंदी। हिन्दी है… सोच हो हमारी हिंदी हो राष्ट्र भाषा। बहुसंख्यक भाषी की पूरी हो आशा। हिन्दी है… सशक्त राष्ट्र भाषा जिसकी पहचान। मिला है देश की संस्कृति को सम्मान। हिन्दी है … बहु भाषी देश हमारा सब से न्यारा। अनेकता मे एकता हिंदी ही सहारा। हिन्दी है … परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश)...
प्रीत की राह
कविता

प्रीत की राह

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** कल तक जिनके साथ चले हर पल हम उनके साथ चले। खयालों मे वो जब भी आएँ संग मे यादों की बारात चले। कल तक… चलना ही है जीवन की रीती पथिक कितने ही आन मिले। पल दो पल का साथ निभाया सब रिश्ते नाते छोड़ कर चले। कल तक… बन्धन है ये प्यार का न्यारा मन का मीत बने जो दुलारा। अन्तर मन मे अंकित वो मूरत तन्हाई मे भी साथ साथ चले। कल तक... प्रीत की राह पर चले हम तो मन मन्दिर मे अब प्यार पले। देते रहेंगे हम उनको दुआएँ जब तक जीवन ज्योति जले। कल तक… परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि में गहन रूचि रही है...
नव वर्ष का अभिनंदन
कविता

नव वर्ष का अभिनंदन

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** हुआ सबेरा निकला सूरज मानव अब क्यों सोते हो। नया वर्ष हो नूतन सबका यही कामना सब की हो। हुआ सबेरा…. भेदभाव के बन्धन तोड़ो ऊँचे नीचे की राहें मोड़ो। सिर्फ़ अपने की बातें छोड़ो समानता से पंथ को जोड़ो। यही कामना… नव युवकों तुम युग चेतन हो अराजकता के तुम भेदक हो। अहिंसा अस्त्र उठाकर देखो तुम भारत माँ के सपूत हो। नया वर्ष ….. दानी दानों के तुम पुष्प चढ़ाओ उद्योगों व किसानों की वेदी पर। बेकारी भागेगी कोसो दूर तक सँवरेगा जब श्रमजीवियों का तप। यही कामना…. ओ भारत माता के रक्षक प्रहरी कमल की तुम तक पहुँचे पुकार। नूतन वर्ष की शुभकामनाओं का परिवार सहित तुम्हें पहुँचे उपहार। यही कामना…. पत्र,पत्रिका,टीवी की उपयोगिता शिक्षित करना कर्तव्य और ज्ञान। बीती बातों पर बहस कराना व्यर्थ देश की महिमाओं का बखान हो। य...
नगर-नगर में धूम मची है
भजन

नगर-नगर में धूम मची है

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** नगर-नगर में धूम मची है राम जी के नाम की। प्राण प्रतिष्ठा हो गई है पुरुषोत्तम श्रीराम की। नगर-नगर में ... मंगलाचरण से पावन हो गई धरती अयोध्या धाम की। घर आँगन में दीप जले हैं स्वागत में श्रीराम की। नगर-नगर में ... चारों ओर चर्चा है अब दीपोत्सव कीर्तिमान की। देख रहीं है दुनिया शक्ति अब भारत माता के नाम की। नगर-नगर में ... पूरी हो गई अभिलाषा अब भक्तों के बलिदान की। लहर चली है देखो अब सनातन के सम्मान की। नगर-नगर में ... अजर अमर गाथा है ये श्रीराम के नाम की। जय हो राम लक्षमण जानकी जय हो महावीर हनुमान की। नगर-नगर में ... परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम,...
शुभम् दीपावली
गीत

शुभम् दीपावली

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** आओ दीपावली हम मनाएँ। घर आँगन में दीपक जलाएँ। युग युगान्तर से है मान्यताएं। राम वन गमन से लौट आए। आओ ….. ऐश्वर्य, वैभव की माता लक्ष्मी जी। संग गणपति, सरस्वती भी पुजाये। उतारें आरती और करें प्रार्थनाएँ। सब भक्तों की पूरण हो कामनाएँ। आओ…… पूर्वजों ने जो रीति रिवाज बनाए। करके सम्मान रस्मों को निभाये। देवी देवताओं के गुणगान गाए। करें आराधना और आशीष पाए। आओ …… परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि में गहन रूचि रही है। व्यवसाय सेवा : आप सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग. सन् १९६४ से सन् १९७० तक एवं स...
तुम्हारी सदा हो जय जयकार
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तुम्हारी सदा हो जय जयकार

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** अम्बे, जगदंबे, जग जननी तुम जग की हो पालनहार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … जय माँ लक्ष्मी, सरस्वती तुम सब के जीवन का आधार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … नौ रुपों की महारानी हो तुम तुम्हारी महिमा अपरंपार। बड़े बड़े असुरों का तुमने कर दिया संहार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … नौ तत्वों की रचना तुम्हारी सुन्दर ये संसार। जलचर, थलचर, नभचर सब मे तुम्हारी शक्ति का संचार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … नौ रात्रि सा प्यारा न जग मे दूजा है त्योहार। भक्ति रस मे डूबे जग सारा ख़ुशियाँ मिले अपार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … जगमग दीप जलाएँ सब बाँधें बंदनवार। मंगल गीत तुम्हारे गाएँ माँ आओ हमारे द्वार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … जय महा काली, शेरावाली सब पर करो उपकार। अपने भक्तों को दर्शन दे दो माँ सुनलो सब की पुकार। त...
श्री विघ्न हर्ता गणेश
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श्री विघ्न हर्ता गणेश

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** गणपति मंगल दायक हो तुम, सब के विघ्न हरो। शरणागत है शरण तुम्हारी, जीवन सुलभ करो। गणपति मंगल…. दीनबंधु, दीनानाथ, दयानिधी सब पर दया करो। सिध्द विनायक, जन गण नायक चिन्ता हरण करो। अनन्त भुवन के अधिपति हो तुम, मंछा पूरण करो। देकर वांछित फल सब को, मन हर्षित करो। गणपति मंगल… निर्मल मन हो, कपट न छल हो, भावना ऐसी भरो। मधुर हो वाणी, हस्त हो दानी, सक्षम ऐसा करो। राग द्वेष, मद निकट न आवे ऐसी दृष्टि करो। जन जन हो सुखी धरा पर, ऐसी वृष्टि करो। गणपति मंगल…. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि म...
श्री गणेश जी की आरती
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श्री गणेश जी की आरती

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** आरती गणपति गौरी सुतम्। सर्व मगंलकारी है गजमुखम्। आरती गणपति… सर्व लोक कल्यानार्थ अवतरितम्। सर्व सिद्ध विनायक विघ्न हरणम्। आरती गणपति… सर्व देव वरद, हो प्रथम पुजितम्। सर्व दिव्य कलाओं मे हो परिपूर्णम् आरती गणपति… सर्व शक्ति स्वरूप है सिद्धेश्वरम्। सर्व माया अधिपति विश्वेश्वरम्। आरती गणपति… सर्व बाधा हरे गणेश आयुधम्। सर्व मूषक, पाश, भुजंग, अंकुशम्। आरती गणपति… सर्व मधुर, मनोरम ये छबी अनुपम। सर्व देवों मे देव ,तुम आशुतोषम्। आरती गणपति… सर्व दुर्दिन, दुविधा, दुःख हरणम्। गण नायक, गजानन, गज कर्णम्। आरती गणपति... सर्व विद्यावन, गुणी, अति चतुरम्। सर्व आनन्द दायक है चतुर भुजम्। आरती गणपति… सर्व काज सँवारे शशीवरनम्। आए जो गजानन की शरणम्। परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिना...
कृष्ण से गुहार
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कृष्ण से गुहार

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** हे कृष्ण पुकारे जब-जब, देना हमें सहारा। हम है बालक तुम्हारे, तुम ही हो पालनहारा। हे कृष्ण पुकारे …. आया जो इस धरा पर, सब मे है अंश तुम्हारा। देखें जिधर भी हम, लगता है सब कुछ न्यारा। मन मोहक इस छबि मे, दिखता है रुप तुम्हारा। संरचना ये तुम्हारी, इस सृष्टि को नमन हमारा। हे कृष्ण पुकारे …. कर्म करें निष्काम भाव से, ये है कथन तुम्हारा। जैसे कर्म करेंगे, होगा वैसा भाग्य हमारा। देना इतनी शक्ति, गुनाहों से करें किनारा। जाये उधर ना हम कभी, जहां हो अहित हमारा। हे कृष्ण पुकारे …. जब जब सजल नयन से, भक्तों ने तुम्हें निहारा। लेकर शरण में अपनी, कष्टों से उसे उबारा। हाथों मे है तुम्हारे, ये जीवन का चक्र सारा। रखना सानिध्य मे अपनी, हो जब जब जनम दुबारा। हे कृष्ण पुकारे …. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मो...
बाबा महाकाल
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बाबा महाकाल

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** बम भोला बम भोला कालों के काल। डम् डम् डमरू वाले मृत्युंजय महाकाल। बम भोला… जटा में गंग धारा है शशि धरे है भाल। ग्रीवा में भुजंग संग रुद्राक्ष की माल। बम भोला… कंठ में हलाहल है त्रिलोचन में ज्वाल। भस्म रमैया भूतेश्वर के अंग वस्त्र है खाल। बम भोला… त्रिशूल अंकुश बाबा का तीन लोग की चाल। तीनों लोक अधीन है पृथ्वी, नभ, पाताल। बम भोला… स्वयं सिद्ध, स्वयंभू है सिद्धेश्वर महाकाल। समाधि में लीन रहते हैं बाबा सालो साल। बम भोला… साक्षात् शिव रुप है ज्योतिर्लिंग महाकाल। छबि अर्द्धनारीश्वर की लगे बेमिसाल। बम भोला… भोले शम्भु भोलेनाथ भोलेश्वर महाकाल। शरण में तेरी आए बाबा अब तू ही सम्भाल। बम भोला… परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल...
नन्द यशोदा धाम
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नन्द यशोदा धाम

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** चल रे मनवा तीरथ करने नन्द यशोदा के धाम। जहां बिराजे जगत के पालक श्री कृष्ण, बलराम। चल रे मनवा … नयन को सुख और चैन मिलेगा ह्रदय बसेंगे श्याम। लीला धर की लीला भूमि करने उसे प्रणाम। चल रे मनवा … शरणागत को शरण मे लेकर सद् गति देना काम। सर्वेश्वर उद्धारक सबके तारण हार है नाम। चल रे मनवा … यमुना जी पटरानी तीरे बसा है गोकुल गाम। पुष्टि पंथ के जनक प्रभु जी करें यहाँ विश्राम। चल रे मनवा … बृज भूमि चौरासी कोस है प्रेम रतन की खान। राधा जी संग रास रचाते हैं कृपा सिन्धु भगवान। चल रे मनवा … चरण धूलि अनुरागी भक्त जन करें सुधा रस पान। कुंड कुंड है मानसरोवर यही इस की पहचान। चल रे मनवा … वृन्दावन की वसुंधरा मे प्रकट है गऊ लोक मान। आत्म तृप्ति अभिलाषी ज्ञानी करते यहाँ पे मुक़ाम। चल रे मनवा … परिचय ...
बोलो जय महाकाल …
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बोलो जय महाकाल …

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** क्षिप्रा मैया से चले मिलने कालों के काल। झूमें नाचे गाये भक्त बजाए झाँझ करताल। बोलो जय महाकाल … बोलो जय महाकाल … पुत्र गणपति खड़े है लेके फूलों की माल। हर्षिद्धी माँ आई लेके आरती की थाल। बोलो जय महाकाल … बनी दुल्हनियाँ अवन्तिका बढ़ गई उसकी शान। क्षिप्रा जी के तट पर आज उड़े रे गुलाल। बोलो जय महाकाल … कर सोलह सिंगार ओढ़ चुनरियाँ लाल। चरण पखारे क्षिप्रा मैया आज हुई रे निहाल। बोलो जय महाकाल … हरि से मिलने आए बाबा पालकी में विशाल। हर्षित होकर मिले गले से मदन गोपाल। बोलो जय महाकाल … दर्शन देने निकले प्रजा को बाबा महाकाल। नगर भ्रमण कर जाने बाबा भक्तों के हाल। बोलो जय महाकाल … परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज...
लागी लगन …
भजन

लागी लगन …

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** मन मीत मेरे मन भावन की लागी लगन शरण तेरी आवन की मन मीत …. ये दुनियाँ है गहरा सागर भर न सका कोई पूरी गागर जीवन पथ की इन उलझन में मिली छाँव किसे सावन की मन मीत …. बन्दे जितने भेजे जगत् में देकर अपनी वाणी सबने अपने मन मत से तेरी महिमा बखानी मतभेदों की इस दुनिया में भटक रहा है प्राणी तेरी रचना तू ही जाने कौन विधि तुझे पावन की मन मीत …. झूठी है ये जगत् की माया नैनों ने अब तक मुझे भरमाया परिणति है ये तेरी कृपा की मन चाहत हरि गुण गावन की मन मीत…. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि में ग...
क्यों लेते हों भगवान परीक्षा
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क्यों लेते हों भगवान परीक्षा

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** क्यों लेते हों भगवान परीक्षा अपने भक्तों की। सहते हो स्वयं भी पीड़ा हरने अपने भक्तों की। क्यों लेते ... राम रुप में धरा पर आए सुन पुकार ऋषियों की। यज्ञ देव का मान बढ़ाया, गोद भरी कौशल्या की। असुरों का उद्धार था करना राह चुनी वन जाने की। वचन बना आधार पिता के, मति मंद करी कैकेयी की। क्यों लेते … परित्याग कर बन्धन सारे, वेश धारण कर विरक्तियों की। चौदह वर्ष भ्रमण कर वन में, निद्रा हर ली लक्ष्मण की। देना था संदेश जगत् को, भाई प्रेम के बन्धन की। चरण पादुका पूजी भरत ने, वियोग में श्री राम की। क्यों लेते ... बाली वध कर सेना बनाई, सुग्रीव संग हनुमान की। सन्तों मुनि यो से पाईं शिक्षा, दिव्यास्त्रों के संधान की। राम से बड़ा नाम राम का, ये महिमा सेतु पाषाण की। रावण वध कर लंका ढहाईं, ली अग्नि परीक्षा सीता ...