मन की मुराद
सुषमा शुक्ला
आबिदजान (अफ्रीका)
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मन की मुरादों में बसता प्रेम का मधुर उजास,
जिससे महक उठता जीवन, जैसे सावन की मिठास।
परिवार के स्नेह से सजता हर आँगन का द्वार,
अपनों के संग ही मिलता जीवन को सच्चा प्यार।
माँ की ममता, पिता का आशीष अमृत बन जाता,
संस्कारों का दीप हृदय में उजियारा फैलाता।
देशभक्ति की ज्योति जले तो मन वीर बन जाए,
मिट्टी की सौंधी खुशबू जीवन का गौरव कहलाए।
तिरंगे की शान हेतु जो सपनों को अर्पित करते,
वही राष्ट्र के इतिहास में स्वर्णिम अक्षर भरते।
मन की मुराद यही कि हर नारी को मान मिले,
उसके श्रम, साहस और सपनों को सम्मान मिले।
नारी केवल कोमलता नहीं, शक्ति की पहचान,
उसके चरणों से ही खिलता जीवन का मधुबन महान।
मन चाहे ऊँचाइयों का हर शिखर सरल हो जाए,
मेहनत के हर पथ पर सफलता मुस्कुराए।
सत्य, प्रेम और करुणा से जीवन का श्रृंगार ह...

