
आशा जाकड़ ‘आस’
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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समुद्र से गम्भीर हिम से अटल
दुःखों में होते कभी न विचल
ऊपर से कठोर अन्दर कोमल
हृदय से विशाल, मन के सरल
सिखाते त्याग बलिदान।
पिता होते हैं महान।।
माँ धरा तो पिता आकाश
बच्चों का है आत्मविश्वास
मांँ दीपक तो पिता प्रकाश
माँ जीवन पिता देता स्वाँस
अनेक गुणों की खान।
पिता होते हैं महान।।
पिता मुख से बोलते नहीं
मन की बात जान लेते हैं।
बच्चों की हर ख्वाहिश को
पूरा करने की ठान लेते हैं
देते हैं अपूर्व ज्ञान।
पिता होते हैं महान।।
पिता होते हैं वेद-पुराण
करते संस्कार-निर्माण
हर समस्या का समाधान
संग पिता, साथ भगवान
ईश्वर का हैं वरदान।
पिता होते हैं महान।।
बच्चों के सुख के लिए
चलते रहते अथक पाँव
हर मुश्किल आसाँ करते
नहीं देखते धूप और छाँव
करते श्रम का अनुदान।
पिता तुम हो महान।।
पिता गाइड है और रक्षक
आलोचक हैं तो प्रशंसक
व्यवस्थापक, सुप्रबन्धक
दूरदर्शी और मार्ग दर्शक
बच्चों का हैं अभिमान
पिता होते हैं महान।
अपने से अधिक बच्चों को
आस्माँ सा ऊँचा उठाना
परिश्रम और सत्कर्म से
कुल का सम्मान बढ़ाना
बस चाहते वे सम्मान
पिता होते हैं महान।।
परिचय :- आशा जाकड़ (शिक्षिका, साहित्यकार एवं समाजसेविका)
शिक्षा – एम.ए. हिन्दी समाज शास्त्र बी.एड.
जन्म स्थान – शिकोहाबाद (आगरा)
निवासी – इंदौर (मध्य प्रदेश)
व्यवसाय – सेन्ट पाल हा. सेकेंडरी स्कूल इन्दौर से सेवानिवृत्त शिक्षिका
प्रकाशन कृतियां – तीन काव्य संग्रह – राष्ट्र को नमन, नये पंखों की उड़ान, हमारा कश्मीर
कहानी संग्रह – (अनुत्तरित प्रश्न), एक निबंध पुस्तक सिंहस्थ महोत्सव २०१६
उपलब्धियाँ – काव्य गोष्ठियों में नियमित पाठ, राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच (hindirakshak.com) सहित लगभग ५० पुस्तकों मे कहानी कविताओं व समीक्षाओं का प्रकाशन। आकाशवाणी व दूरदर्शन पर काव्य पाठ।
सम्मान – सरल अलंकरण (इन्दौर), राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर द्वारा हिंदी रक्षक राष्ट्रीय सम्मान, महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान (शिलांग), मानद उपाधि राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान (इलाहाबाद) नारी अस्मिता सम्मान, महादेवी वर्मा सम्मान मैं हूँ बेटी सम्मान (लखनऊ), मगसम प्रतिभा स्वर्ण सम्मान (दिल्ली) अन्तरा शब्द शक्ति सम्मान, महारानी लक्ष्मीबाई मैमोरियल सम्मान, काव्य रंगोली मातृत्व सम्मान, कल्पना चावला स्मृति सम्मान, विश्व शांति सम्मान आदि।
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