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कलम ही ताकत है

वंशिका यादव
बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)
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गम,खुशी, दर्द, मोहब्बत
हर चीज का हिसाब रखती है।
ये लेखनी है जनाब जो हम
सभी के अल्फाज़ लिखती है।

इस कलम के सहारे ही हमने
कितना कुछ सजोया होगा।
इस लेखनी के ताकत से ही
हमने कितना कुछ पाया होगा।

अपनी जिंदगी के पलो को
लेखनी से ही सजाया है।
और इस कलम के बूते ही
मैंने बहुत कुछ पाया है।

ये कलम लिखती है किसी की
मौत या फिर जिन्दगी।
मैं अपने जीवन भर करूंगी
इस कलम की बन्दगी।

एक आम इंसान के लिए
मामूली सी चीज है कलम।
मुझसे पूछो! यारा मेरे लिए
जन्नत है कलम।

इन्दौरी साब, गुलज़ार साब
ने नाम कमाया है।
मैंने अपना कलम को
ताज पहनाया है।

कलम मेरी जिंदगी का
सबसे बड़ा साया है।
इसी के दम पर ही
मैंने जन्नत पाया है।

वैसे तो मैंने जिन्दगी में
बहुत सी चीजें पायी हैं।
पर मैं दुनिया की सबसे
अमीर हूँ क्योंकि
मेरे हिस्से में
लेखनी जो आई है।

कलम के भी सिक्के की तरह
दो पहलू होते हैं।
किसी ने इससे महफ़िले सजाई तो
किसी ने मौत लिखवाई है।

आप सभी लोग भी बहुत
अमीर बहुत जागीर वाले हैं।
दुनिया के सामने हम
गर्व से कह सकते हैं कि
भईया हम कलम वाले हैं।

परिचय : वंशिका यादव
उम्र : १५ वर्ष
शिक्षा : कक्षा ११ की छात्रा
निवासी : बरौली जाटा बाराबंकी उत्तर प्रदेश
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


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