
आनंद कुमार पांडेय
बलिया (उत्तर प्रदेश)
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है वीर भूमि है अमर भूमि,
है अमर यहाँ की गाथा।
लगता है अपने हाथों से ,
इसे सृजित किए हैं विधाता।।
मेरा जन्म हुआ उस धरती पर,
जहाँ जन्मे ऋषि मुनि त्यागी हैं।
हम बलिया वाले बागी हैं।।
मेरे बगावती तेवर हैं,
हम जुल्म नहीं सह सकते हैं।
हैं शेर-ए-दिल बलिया वाले,
करते हैं वही जो कहते हैं।।
फौलाद भरे हैं सिने में,
नश-नश में ज्वाला जागी हैं।
हम बलिया वाले बागी हैं।।
यही भृगु,वाल्मीकि,परासर,
महा ऋषि की तपोभूमि।
कोसल साम्राज्य का हिस्सा भी,
है ऐतिहासिक युद्ध भूमि।।
सन् 47 से पाँच साल,
पहले हीं मिली आजादी है।
हम बलिया वाले बागी हैं।।
नफरत का बीज न बोना है,
बस नेक इरादें रखना है।
हो गांव-गांव विकसित अपना,
सच बोलने से नहीं डरना है।।
मत राजनीति के पलड़े पर,
तोलो हमने ये ठानी है।
हम बलिया वाले बागी है।।
यहाँ गंगा की निर्मल धारा,
सरयू का प्यारा तट भी है।
आनंद कलम की गूंज यहीं,
यहीं वीरों का जमघट भी है।।
यहीं चैन,खपड़िया ,स्वामी जी,
जैसे ऋषि मुनि बैरागी हैं।
हम बलिया वाले बागी है।।
परिचय :- आनंद कुमार पांडेय
पिता : स्व. वशिष्ठ मुनि पांडेय
माता : श्रीमती राजकिशोरी देवी
जन्मतिथि : ३०/१०/१९९४
निवासी : जनपद- बलिया (उत्तर प्रदेश)
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