सशक्त लेखनी
सुषमा शुक्ला
आबिदजान (अफ्रीका)
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लेखनी जब सत्य की अग्नि में
तपकर निकलती है,
तो सोई हुई चेतना भी
जागकर संभलती है।
शब्दों की शक्ति
तलवार से भारी होती है,
सशक्त लेखनी ही
समाज की प्रहरी होती है।
कलम जब अन्याय के
विरुद्ध आवाज उठाती है,
हर मौन आत्मा में
नई हिम्मत जगाती है।
लेखनी केवल अक्षरों का
श्रृंगार नहीं होती,
यह मानवता की राह
दिखाने वाली ज्योति होती।
जिसके शब्दों में संवेदना
और सम्मान होता है,
उसकी लेखनी से ही
राष्ट्र का उत्थान होता है।
परिचय :- सुषमा शुक्ला
जन्म : २५ अप्रैल
निवास : आबिदजान (अफ्रीका)
मूल निवासी : इंदौर (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : एमए राजनीति शास्त्र बरकतुल्लाह भोपाल विश्वविद्यालय
लेखन विधा : कविता, हायकु, पिरामिड, लघु कथा
लेखन : लेखन के क्षेत्र में कोविद में जीवनसाथी की प्रेरणा से लेखन का कार्य शुरू किया। धर्म...















