मेरी हिंदी
श्रीमती अनिता गौतम
राजनांदगांव भरका पारा
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विश्व हिंदी दिवस १० जनवरी २०२६ पर आयोजित कविता लिखो प्रतियोगिता में सम्मिलित रचना
हिंदी मेरी बोली नहीं,
मेरा अभिमान है
मेरा अस्तित्व है,
मेरी पहचान है
मेरी आत्मा है,
आत्मसम्मान है
संस्कृति और
संस्कारों की मुस्कान है
हिंदी मेरी आवाज़ है
हिंदी विश्व का सरताज है
दिल की दिल से
जोड़ती प्रीत
का पैग़ाम है
सहज है सरल है
पर अर्थों में महान है
हिंदी मानवता और
एकता की जान है
युगों युगों तक इसकी
गौरव गाथा का बखान है
मेरी हिंदी भाषा
सबसे महान है।
परिचय :- श्रीमती अनिता गौतम
जन्म दिनांक : १४ दिसम्बर १९७५
निवासी : राजनांदगांव भरका पारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी...
























