सुविधा पाबो
प्रभात कुमार "प्रभात"
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
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जुरिस गाँ ह सड़ग ले भईया,
अउ मन कस सुविधा पाबो
चिखला चांदो के दिना ल,
हमन अब तो भुलाबो
बारी बखरी के साग भाजी,
अब सहर मं बेचाही
लेबो कमा जीये के पूरती,
नी डउकी लइका ललाही
धराय हे गहना खेत खार ह,
ओला मुक्ता के लाबो
चिखला..
बड़े इस्कूल मं लइकन पड़ही,
अउ कालेज घलो जाही
साहेब, सिपाही जम्मो बनके,
जिनगी भर सुख पाही
दुनो परानी हमन देखत,
भाग ल सँहराबो
चिखला..
रई आय पहिली कहूँ ल त ओ,
बिन गोली के मरे
कतको घोर्री घसन तभो,
डॉक्टर ह नी हबरे
एक सौ आठ ल बलवाके,
निरोग काया ल बनाबो
चिखला..
परिचय :- प्रभात कुमार "प्रभात"
निवासी : हापुड़, (उत्तर प्रदेश) भारत
शिक्षा : एम.काम., एम.ए. राजनीति शास्त्र बी.एड.
सम्प्रति : वाणिज्य प्रवक्ता टैगोर शिक्षा सदन इंटर कालेज हापुड़
विशेष रुचि : कविता, गीत व लघुकथा (सृजन) लेखन, समय...











