करते है चिकित्सक का सम्मान
धर्मेन्द्र कुमार श्रवण साहू
बालोद (छत्तीसगढ़)
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पढ़ लिखकर जो पाए ज्ञान,
सेवा करें जो जीव कल्याण।
मरीजों की जो बचाएँ जान,
बनता वही चिकित्सक महान।
करते हैं चिकित्सक का सम्मान।
सचमुच में हैं वे धरती के भगवान।।
कोई मन की इलाज करते हैं,
कोई रोगियों की सेवा करते हैं।
कोई मीठी बोली ही बोलते हैं ,
कोई धैर्य का पालन करते हैं।
स्वस्थ हो जाते हैं आखिर इंसान।
सचमुच में हैं वे धरती के भगवान।।
मरीजों से करते हैं जो प्यार,
मिट जाते हैं सब मनो विकार।
अस्वच्छता से होते हैं बीमार,
जांच परख से करते हैं उपचार।
तंदुरुस्त कर देते हैं जीवन महान।
सचमुच में हैं वे धरती के भगवान।।
योद्धा बनकर सेवा करते,
रात दिन मेहनत वो करते।
शल्यक्रिया समय देख करते,
संयम नियम का पालन करते।
श्रवण करते हैं चिकित्सक का मान
सचमुच में हैं वे धरती के भगवान।।
परिचय :...

























