शिव महिमा
डॉ. कोशी सिन्हा
अलीगंज (लखनऊ)
********************
तुम ही आदि अनादि
अनन्त हो
घट-घट वासी सर्व
दिग् दिगन्त हो
गौरा को अमर कथा
गुहा में सुनाये
उभय कपोतों को भी
सहज अमर बनाये
सर्वत्र व्याप्त अविनाशी
समान्त हो
त्रिनेत्र धारी अविकल
व प्रशान्त हो
सहज प्रसन्न होते,
हो अति ही भोले
अंग भस्म रमाते,
हो गले सर्प डाले
सर्व हितकारी शिव
सर्वत्र रमन्त हो
त्रिशूलधारी डम-डम
डमरू बजन्त हो
हलाहल पीकर
नीलकंठ कहलाये
जटा बाँध गंगा,
गंगाधर कहलाये
भक्तन हितकारी,
सदा सर्व सुखन्त हो
उर्ध्व अध विराजित,
नितान्त एकान्त हो।
परिचय :- डॉ. कोशी सिन्हा
पूरा नाम : डॉ. कौशलेश कुमारी सिन्हा
निवासी : अलीगंज लखनऊ
शिक्षा : एम.ए.,पी एच डी, बी.एड., स्नातक कक्षा और उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन
साहित्य सेवा : दूरदर्शन एवं आकाशवाणी में काव्य पाठ, विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में गद्य, पद्य ...






















