सोनू! जिंदगी एक परीक्षा है
राजेन्द्र कुमार पाण्डेय 'राज'
बागबाहरा (छत्तीसगढ़)
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ये रब खुदा का बनाया हुआ
एक सुलझा हुआ पाठ्यक्रम है
जिंदगी एक परीक्षा है
जरा भी हाल बेहाल हुआ
सारा भूगोल हिल जाता है
आंखों से अंतःप्रवाही नदियाँ
समंदर बन बह निकलती हैं
दिल की भूमि दुःखों के हल चल पड़ते हैं
सारी खुशियाँ इतिहास बन जाती हैं
दिल में सामाजिक अध्ययन होने लगता है
समाज उथल पुथल होने लगता
राजनीति का खेल आरम्भ हो जाता
अल्फाजों की सरकार बनती है
आंखों के आँसू और दिल के दर्द को
आंखों की साजिश करार दी जाती है
विपक्ष को अर्थशास्त्र का ज्ञान मिल जाता है
जिंदगी की इन पहेलियों को
गणित के माध्यम से सुलझाने का कार्य करते हैं
फिर अर्थशास्त्र के द्वारा
भौतिकशास्त्र के विकास के पुल बनाये जाते हैं
मानवशास्त्र शून्य की ओर बढ़ता है
मनोविज्ञान का खेल आरम्भ होता है
समसामयिक समस्याएं सामने आने लगती हैं
जीवशा...
























