आंसू
डाॅ. रेश्मा पाटील
निपाणी, बेलगम (कर्नाटक)
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आँखो के फुलवारी में आंसू महकते हैं
दुनिया के दामन को प्यार से भिगोते हैं
अस्थाओंका विश्वास छलकाते हुये
अरमानों की माला पिरोते हैं
अश्को की नमी से दिल को सिंचते हैं
प्यार के गुलशन में फूलों को खिलाते हैं
ममता के आँचल में कारवाँ चलते हैं
दिल की बात जूबातक लाते हैं
कभी दर्दे दिल की दवा बन जाते हैं
कभी प्यार की दुवा बन जाते हैं
कभी खामोशी की जबा बन जाते हैं
अक्सर दिल का हाल बया कर जाते हैं
परिचय :- डाॅ. रेश्मा पाटील
निवासी : निपाणी, जिला- बेलगम (कर्नाटक)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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