जब तुम आये थे
सुखप्रीत सिंह "सुखी"
शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)
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तूफ़ान थमने लगे थे,
जब तुम आये थे
अरमान जगने लगे थे,
जब तुम आये थे
रुह भी जिस्म से
निकलने को बेचैन थी
हाथ सज़दे में उठने लगे थे,
जब तुम आये थे
परिचय :- सुखप्रीत सिंह "सुखी"
निवासी : शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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