सादगी
नील मणि
मवाना रोड (मेरठ)
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विश्व हिंदी दिवस १० जनवरी २०२६ पर आयोजित कविता लिखो प्रतियोगिता में सम्मिलित रचना
कबीर सा साधारण कौन
निपट गंवार अनपढ़ जात-पात से परे
गृहस्थी में रहे बुनते रहे कपड़े
छोड़ा कुछ नहीं पाया सब कुछ
नहीं विशिष्टता कोई
जान लिया आत्मिक सौंदर्य
सादगी को साधते रहे
राम चदरिया कातते रहे।
परिचय :- नील मणि
निवासी : राधा गार्डन, मवाना रोड, (मेरठ)
घोषणा : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आप सभी को नववर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएँ। आशा है इस अवसर पर आप को प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना लिंक को टच कर पढ़ने का कष्ट कर प्रोत्साहित करेंगे एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करेंगे ...🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवा...

























