महके बसंत
ओमप्रकाश श्रीवास्तव 'ओम'
तिलसहरी (कानपुर नगर)
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स्वागत कर लो आज
बना यह सारा साज।
उपवन खिले देखो
महके बसंत के फूल।
फैली चहुँदिश देखो
हरी-हरी हरियाली।
बसंत मौसम आया
मिटेंगे उर के शूल।
बसंत जब भी आता
खुशी के पैगाम लाता।
सब जन जाते तब
ताड़क गरमी भूल।
करलो स्वागत तुम
मौसम सुहाना यह।
मिलेगी अबतो मुक्ती
ऋतु जो उड़ाये धूल।।
परिचय :- ओमप्रकाश श्रीवास्तव 'ओम'
जन्मतिथि : ०६/०२/१९८१
शिक्षा : परास्नातक
पिता : श्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव
माता : श्रीमती वेदवती श्रीवास्तव
निवासी : तिलसहरी कानपुर नगर
संप्रति : शिक्षक
विशेष : अध्यक्ष राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय बदलाव मंच उत्तरीभारत इकाई, रा.उपाध्यक्ष, क्रांतिवीर मंच, रा. उपाध्यक्ष प्रभु पग धूल पटल, रा.मीडिया प्रभारी-शारदे काव्य संगम, प्रभारी हिंददेश उत्तरप्रदेश इकाई
साहित्यिक गतिविधियां : विभिन्...
























