प्यारी बेटी
किरण पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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मां के मन का भाव है बेटी,
पिता के दिल का
अहसास है बेटी।
आत्मा की आवाज है बेटी,
चित ज्ञान और विवेक हे बेटी।
घर की रौनक हे बेटी,
आंगन में बहार है बेटी।
मां की जिगरी दोस्त है बेटी,
पिता का मनोबल है बेटी।
दुख का साथ बेटी,
सुख का मार्ग है बेटी।
निस्वार्थ भाव है बेटी,
घर का मान है बेटी।
घर का सम्मान है बेटी,
घर की आन बान
और शान है बेटी।
पिता का सम्मान है बेटी,
घर मौहल्ला और समाज
देश की नाक हे बेटी।
"इसे हम क्यों मारे गर्भ मैं"
फिर सीता राधा अनुसूया,
लक्ष्मी इंदिरा सुषमा अहिल्या।
ललिता प्रतिभा द्रोपदी,
और किरण विजय के होंठो की,
"मुस्कान" कहां से लाएगे हम।
बेटी को बचाए हम,
"बेटी है तो कल है,
बेटी है तो सकल है"
परिचय : किरण पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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