बारिश की बूँदें
श्रीमती विभा पांडेय
पुणे, (महाराष्ट्र)
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अक्सर कोई न कोई कहानी
लेकर बरसती हैं।
कभी आँखों में आँसू बन
कभी भावनाओं के तूफान ले
कभी तिरस्कार पाकर
कभी क्रोध की अधिकता से
आँखों से घुमड़-घुमड़
बरसती हैं।
बारिश की ये बूँदें
जब भी बरसती हैं
कई जख़्म हरे कर जाती हैं।
और कई बार
आँखों के कोरों को भीगा कर
आँसूओं का सैलाब लेकर
पुराने मन के मैल को भी
धो जाती हैं।
बारिश की बूंदें
हमेशा कोई न कोई
कहानी लेकर ही बरसती हैं।
परिचय :- श्रीमती विभा पांडेय
शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी एवं अंग्रेजी), एम.एड.
जन्म : २३ सितम्बर १९६८, वाराणसी
निवासी : पुणे, (महाराष्ट्र)
विशेष : डी.ए.वी. में अध्यापन के साथ साथ साहित्यिक रचनाधर्मिता में संलग्न हैं ।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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