दिल है तो लगेगा ही
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रचयिता : संजय जैन
दिल रब ने दिया है तो।
किसी न किसी से तो मिलेगा।
प्यार की कश्ती में ये दिल बैठेगा।
तभी तो दो दिलो का मिलन होगा।।
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दिलो की बात दिलवाले समझते है।
प्यार करना परवाने जानते है।
मिलती है जब किसी से नजरे।
तभी तो ये दिल धड़कता है।।
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गलत फेमी के कारण,
मोहब्बत रुठ जाती है।
जुड़े हुए दिल टूट जाते है।
मोहब्ब्त की दुनिंया उजड़ जाती है।
दो जवा दिल, तन्हा हो जाते है।।
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तन्हा में हम सोचते है कि,
टूटे हुए दिल कभी तो खिलेंगे।
बिछड़े हुए दिल कभी तो मिलेंगे।
हो रहा है अहसास गलतियों का,
तो किसी को झुकना पड़ेगा।
तभी दिलो का मिलन हो पायेगा।
और प्यार के रिश्तों को बचा पायेगा।।
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.लेखक परिचय :- बीना (मध्यप्रदेश) के निवासी संजय जैन वर्तमान में मुम्बई में कार्यरत हैं। करीब २५ वर्ष से बम्बई में पब्लिक लिमिटेड कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत श्री जैन शौक से लेखन मे...






















