Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Sunday, August 2राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

भजन

मेरा-मेरा क्यों करता है
भजन

मेरा-मेरा क्यों करता है

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मेरा-मेरा क्यों करता है, सांस रुकी सब छूट जाएगा। तेरा पैसा, गाड़ी, बंगला, तेरे साथ नहीं जाएगा। मेरा-मेरा क्यों ... संकट में तो निकट पड़ोसी, ही पहला सहयोगी होगा। यदि उससे संबंध मधुर है, तो वो तुझको संबल देगा। सबमें ईश्वर का दर्शन कर, तो ईश्वर खुश हो जाएगा। मेरा-मेरा क्यों ... सारी सृष्टि प्रभु की रचना, उसमें ही परिवार है तेरा। दृष्टिकोण व्यापक रख, मत कह केवल ये परिवार है मेरा। यदि संकीर्ण भाव तज पाया, तो ईश्वर को भा जाएगा। मेरा-मेरा क्यों ... रुपया पैसा बहुत कमाया, कुछ सात्विक धन भी तू कमां ले। करुणासागर लुटा रहा है, तू भी निज झोली फैला दे। भौतिक माया यहीं छूटनी, सात्विक धन ही साथ जाएगा। मेरा-मेरा क्यों ... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणि...
मातृभूमि को नमन हमारा
भजन

मातृभूमि को नमन हमारा

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** भारत मां से पंचतत्व ले, ईश्वर ने है हमें बनाया। इसीलिए भारत माता है, सब संतों ने यही बताया। भारत मां ... मां की सेवा रक्षा करना, सर्वोपरि कर्तव्य हमारा। भारत भूमि ने ही अबतक, सात्विक पोषण किया हमारा। जो दायित्व दिया ईश्वर ने, उसने ही है पूर्ण कराया। भारत मां ... जो अर्पित सीमा रक्षा को, उनको प्रतिपल नमन हमारा। उनको भी नमन कि जिन्होंने, राष्ट्र पे अपना सबकुछ वारा। जो विकास का लक्ष्य ले चले, अखिल विश्व में मान बढ़ाया। भारत मां ... जो भी जहां दे रहा सेवा, सर्वोतम का लक्ष्य बना ले। सबकुछ दिया मातृभूमि ने, निष्ठा से वो कर्ज चुका ले। जो निष्काम लगा सेवा में, उसने सबका प्यार है पाया। भारत मां ... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेर...
जपें राम या श्याम
भजन

जपें राम या श्याम

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** होती है भक्ति, होती है पूजा, आते वहीं श्रीराम। होती है पीड़ा,होती है करुणा, आते वहीं श्याम। होती ... शक्ति का दुरुपयोग ना होता, होते नहीं नराधम। युग युग में अवतार लेकर, आते ना धरा पर राम। होती ... सक्षम होकर अन्याय देखते, लगाते नहीं लगाम। चुप रहने पर देखना पड़ता हैं इसका दुष्परिणाम। होती ... अधर्मियों से ही होता है, पाप कर्मों का आयाम। मानवता की राह दिखाने, इस धरती पे आते राम। होती ... जीवन जीना कला है चाहे, शांति हो या संग्राम। कर्म सबके उत्तरदायी, इस धरा पर ही परिणाम। होती ... मानव तन का इस श्रृष्टि मे, सब से उच्च मुकाम। राजा हो या फिर रंक सभी के, पालक है श्री राम। होती ... एक ही माया,एक ही है काया, सुंदर दोनों नाम। चाहे पुकारें राधा कृष्ण, चाहे पुकारों सीताराम। होती ... परिचय :- ...
मैंने ओढ़ी चदरिया हरि रंग की
भजन

मैंने ओढ़ी चदरिया हरि रंग की

आशा शर्मा धरमपुरी, इंदौर (मध्य प्रदेश) ******************** मैंने ओढ़ी चदरिया हरि रंग की, मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी। सखी री मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी। प्रेम को रंग, प्रीत की पाती, भक्ति गुलाल लगाओ नर नारी। हो... मै तो मन मंदिर को सजाऊंगी। सखी री मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी।। ज्ञान शलाका अंजन भर-भर, डाल रहे गुरु, मिटा तिमिर सब। हो... मैं तो ज्ञान के दीप जलाऊंगी। सखी री मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी।। काम, क्रोध, मद, लोभ लुटेरे, ये विवेक मानव का हर ले। हो... मै तो ज्ञान के तीर चलाऊंगी।। सखी री मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी।। गुरु ही जग में "आशा" बंधावै, आत्मानंद का बोध करावै। हो... मैं तो "गुरु चरण कमल बलि जाऊंगी। सखी री मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी।। मैंने ओढ़ी चदरिया हरि रंग की, मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी।। आली श्री मैं तो सतगुरु मिलन मनाऊंगी।। परि...
देव भूमि भारत
भजन

देव भूमि भारत

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** स्वर्ग सी सुंदर धरा भारत, अनेकों इसके प्रमाण है देव भूमि भारत माता पर, हम सब को अभिमान है स्वर्ग सी सुंदर … राम, कृष्ण, महावीर, बुद्ध के हुए यहाँ अवतार है सनातन की संस्कृति ही, इसका मुख्य आधार है सही राहों पर चले उसका, होता स्वप्न साकार है देव वाणी गीता का ज्ञान, सब धर्म ग्रंथ का सार है स्वर्ग सी सुंदर … पर्वत राज हिमालय, इस मात्र भूमि की शान है सन्त ,महात्मा तप कर, पाते आध्यात्मिक ज्ञान है हरी भरी वादियों में छुपा, औषधियों का विज्ञान है गंगा, यमुना, सरस्वती नदियों का उद्गम स्थान है स्वर्ग सी सुंदर … वीरों की जननी धरती, गाथा इतिहास में महान है मात्र भूमि की रक्षा में अपने, आहुति किए प्राण है अनेकों धर्म, अनेक भाषा, विशेषता की पहचान है भारत भूमि सारे जगत मे, यह सबसे पुण्य स्थान है स्वर्ग सी सुंद...
मिला दो राम से हनुमत
भजन

मिला दो राम से हनुमत

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मिला दो राम से हनुमत, तेरा गुणगान गाएंगे। बताओगे जो भी युक्ति, उसे करके दिखाएंगे। मिला दो राम से हनुमत... प्रभु आराध्य है तेरे, मेरे आराध्य तो तुम हो। कृपा जो राम की पाए, उसे क्या कर दुष्कर हो। तेरी भक्ति फलित होगी, तो प्रभु भक्ति को पाएंगे। मिला दो राम से हनुमत... तुम्ही ने की कृपा सुग्रीव पर, तो राम को पाया। दिया सेवा का अवसर, और उसे भय मुक्त करवाया। तेरी करुणा कृपा से ही, तो दिल मेरा राम आएंगे। मिला दो राम से हनुमत... तेरे स्वामी की सेवा का, जो अवसर मैंने पाया है। तुम्ही से शक्ति लेकर के, उसे मैंने निभाया है। हैं जब तक प्राण तन में, हम तो यह सेवा निभाएंगे। मिला दो राम से हनुमत... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि मेरी यह रच...
जय मां ज्वाला
भजन

जय मां ज्वाला

आशा शर्मा धरमपुरी, इंदौर (मध्य प्रदेश) ******************** जग में कहां ऐसा, सबका नसीब है, ज्वाला के हाथों में, मेरी तक़दीर है।।टेक।। कांटों भरे हों चाहे, रास्ते हमारे, तोड़ के आएंगे, बंधन सारे। तेरी कृपा हो तो कांटा भी फूल है। ज्वाला के हाथों में मेरी तक़दीर है। कोटि जतन करें पापी हारें, भक्ति की ज्योत मैया जलती जाए। हारा है जीवन मैंने, यही मेरी जीत है। ज्वाला के हाथों में मेरी तक़दीर है। तेरे भवन में मैया, भक्त पुकारें, कष्ट निवारो मैया आए हैं द्वारे। आशाओं भरी है झोली, नैनों में नीर है। ज्वाला के हाथों में मेरी तक़दीर है। जग में कहां ऐसा किसका नसीब है। ज्वाला के हाथों में मेरी तक़दीर है। परिचय : आशा शर्मा पति : श्रीहनुमान प्रसाद शर्मा निवासी : धरमपुरी सांवेर रोड इंदौर (मध्य प्रदेश) सम्प्रति : शिक्षिका हायरसैकैंडरी स्कूल साहित्यिक परिचय ...
दुनिया एक रंग मंच
भजन

दुनिया एक रंग मंच

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** जरा मन की अंखियॉ खोल यह जीवन बड़ा है अनमोल। जरा मन …. यह दुनिया एक रंग मंच है। अलग अलग है सबके रोल। कोई सनातन की सोच रखता। कोई पिपासु रक्त का घोल। जरा मन …. राह चुनते सब अपनी अपनी। गन्तव्य सब का एक ही ठोर। ज्ञान,बुद्धि, विवेक से सबको। मिलता है अभिनय का मोल। जरा मन …. साँसों से हैं जब तक रिश्ता। जीवन है तभी तक अमोल। होगा कल कहाँ ठिकाना। इस दुनियाँ का चक्र है गोल। जरा मन …. कर्म फल से भाग्य बँधा है। यादों से उसका होता तोल। ख़ाली हाथ जायेगा जब तू। रेह जाएँगे केवल तेरे बोल। जरा मन …. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक : १४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्...
रोम-रोम आनंदित करदे …
भजन

रोम-रोम आनंदित करदे …

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** रोम-रोम आनंदित करदे, जगत का पालन हारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। प्रेम रस की मूरत है वो, सब से है वो न्यारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। छवि निहारे जब जब, लगता है सब से दुलारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। मोर मुकुट पिताम्बर धारी, मोहन मुरली वाला। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। गिरि धारी वो कुंज बिहारी, नैनों का है तारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। रंग रसिया के रंग मे रमा है, बृज मंडल सारा। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। युगों मे अवतरित होता है, धर्म का ये रखवाला। वो श्री कृष्ण है प्यारा, वो श्री कृष्ण है प्यारा। भक्तों के कष्टों को हर, कर देता है उजियारा। वो श्री कृष्ण है प्य...
अंजनीसुत कुलदेव हमारे
भजन

अंजनीसुत कुलदेव हमारे

सुषमा शुक्ला आबिदजान (अफ्रीका) ******************** कुलदेव हमारे अंजनीसुत, संकट हरने वाले, भक्ति-दीप से सजे थाल में प्रेम-सुमन हम ढाले। घी-गुड़, चूरमा, लड्डू लेकर भावों का श्रृंगार, अर्पित करते चरणों में हम, मिटे सकल संताप अपार। भोग नहीं बस अन्न मात्र, यह श्रद्धा का उजियारा, हर कण में बसता विश्वास, हर कण में है सहारा। रुई-सी कोमल भावना से सजी हुई हर थाली, जैसे मन की सरल प्रार्थना पहुँचे उनकी ड्योढ़ी प्यारी। बजरंगबली के चरणों में जब अर्पित हो अन्न, तब मिट जाते दुःख सभी, हो जाता जीवन धन्य। सिंदूर सजा, चोला दमके, गूंजे जय-जयकार, भोग के संग झूम उठे मन, हो जाए मंगलाचार। कुलदेव की कृपा से ही तो घर में सुख का वास, उनकी छाया में कटता है जीवन का हर त्रास। एक लड्डू में छिपा हुआ आशीषों का सागर, जो ग्रहण करे श्रद्धा से, हो जाए भव से पार। हे पवनसुत, स्वीकार करो यह प्र...
राम जन्मे कौशल्या के
भजन

राम जन्मे कौशल्या के

किरण विजय पोरवाल सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** राम जन्मे कौशल्या के कैकई के भरत लाल सुमित्रा ने जाए लखन शत्रुघ्न जन्मे देखो अयोध्या धाम। राजा दशरथ प्रसन्न है दान करें धन धन्य, हीरा-मोती-माणक-पन्ना लूटा रहे दे थाल। नगरवासी थाल सजाये करें आरती दीप जलाएं, मन हरषे कौशल्या, केकई सुमित्रा ने भी देखो दो- दो लाल है जाये, दशरथ आंगन बटे बधाई सखिया देखो मंगल गान है गाये लाला के जनम की देखो बधाई गाये देखो बधाई गाये। परिचय : किरण विजय पोरवाल पति : विजय पोरवाल निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश) शिक्षा : बी.कॉम इन कॉमर्स व्यवसाय : बिजनेस वूमेन विशिष्ट उपलब्धियां : १. अंतर्राष्ट्रीय साहित्य मित्र मंडल जबलपुर से सम्मानित २. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन से सम्मानित ३. राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर द्वारा "साहित्य शिरोमणि अंतर्र...
रंग रसिया
भजन

रंग रसिया

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** होली खेलने बरसाना श्याम आया ग्वाल बालों की टोली संग लाया। प्रेम रसिया सब के मन को भाया राधा रानी को देख मन मे हर्षाया। होली….. सम दृष्टि है वो, कर्ता श्रृष्टि भी वो सारे रुपों मे है उसकी ही माया। भक्ति रस मे भाव विभोर भक्तों को अपने स्वरुप का दर्शन कराया। होली….. रगों का ग़ुबार बन छाया गगन मे केशरिया रंग श्याम के मन भाया। होली के रुप मे प्रेम की वर्षा कर रंग रसिया जगत मे वो कहलाया। होली….. परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक : १४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम, क्षिप्रा नदी में तैराकी और शिक्षा अध्ययन के साथ कविता, गीत, नाटक लेखन मंचन आदि में गहन रूचि रही है। व्यवसाय सेवा : आप सार्वजनिक स्वास्थ्य वि...
मेरे आराध्य
भजन

मेरे आराध्य

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** मेरे आराध्य देते भाव, तो मैं गीत लिखता हूं। श्रेष्ठ गायक सकें गा, इसलिए संगीत लिखता हूं। मेरे आराध्य ... करी आराध्य ने करुणा कृपा, तो राम मन भाए। लिखाई राम महिमा, जिसको गायक झूमकर गाये। न मैं कवि हूं न हूं गायक, समर्पण व्यक्त करता हूं। मेरे आराध्य ... तुम्ही ने प्रेरणा करके, नाम मधुशाला लिखवाई। जिसे संगीत और स्वर दे, विवेक और रोली ने गाई। सुनाते नाम महिमा तुम, कलम को मैं चलाता हूं। मेरे आराध्य ... लिखाते गीत मीटर में, तो गायक डूबकर गाते। जो गाते डूबकर भक्ति में, वो तेरी कृपा पाते। करी इतनी कृपा जिसका मै, हरपल गान करता हूं। मेरे आराध्य ... मेरे आराध्य तुमसे ये ही, विनती दास की तेरे। रमू बस नाम सेवा में, न अब माया मुझे घेरे। जो दी है नाम की सेवा, उसे निष्ठा से करता हूं। मेरे आराध्य ... ...
गंगा मैया ने सुनली पुकार
भजन

गंगा मैया ने सुनली पुकार

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** गंगा मैया ने सुन ली पुकार, बुलावा भेज दिया। देखी बच्चे की तड़प अपार, बड़ा उपकार किया। गंगा मैया ने सुन ली ... माघ मेला सजाती है मैया मेरी, अपने बच्चों को बाहों में लेने के मित। जो समझ पाते है अपनी मां की तड़प, वो लगाते हैं डुबकी तो उनका है हित। मां ने आंचल में अपने बुला बच्चो को, उन पर अपना दुलार बहा है दिया। गंगा मैया ने सुन ली ... निकली गौमुख से, और जाके सागर मिली। निकली जिस तीर्थ से, उसकी महिमा बढ़ी। जहां निकली और बच्चे मिलन आए तो, उनपे अपनी कृपा बरसा है दिया। गंगा मैया ने सुन ली ... मैने हरद्वार में मां को पाया बहुत, भाव आया कि भक्तों को लेकर चलूं। वृद्धों की सेवा का फल मिलेगा मुझे साथ जाने वाला धन कमाता चलूं। मेरे आराध्य ने सात्विक भाव को, देके साहस सदा ही है पूरा किया। गंगा मैया ने सुन ली...
नया सृजन
भजन

नया सृजन

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** राम जी कृपा से मिला है ये तन, नाम सुमिरन में इसको लगा दीजिए। जग के कार्यों के संग नाम जपते हुए, अपनी आत्मा को निर्मल बना लीजिए। राम जी की ... प्रभु ने दी श्रेष्ठ योनी है मुक्ति के मित, तू भी करले जतन, इसमें ही तेरा हित। प्रभु की किरपा को सार्थक बनाने के मित, नाम सुमिरन में मन को रमा लीजिए। राम जी की... तेरे पूर्व सत्कर्मों का फल है ये तन, इसका उद्देश्य पूर्ति का साधन तू बन। नहीं मालूम फिर अवसर मिले ना मिले, राम सांसों में अपनी बसा लीजिए। राम जी कृपा... तेरे सत्कर्म पितरों को भी भाएंगे, तुझको अन्तर का आशीष दे जाएंगे। तुझको पितरों के ऋण से मुक्ति पाना तो, नाम सुमिरन और लेखन में रम जाइए। राम जी की कृपा... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ...
क्षणभंगुर और नश्वर तन को
भजन

क्षणभंगुर और नश्वर तन को

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** क्षणभंगुर इस नश्वर तन, को केवल ईश्वर चला रहा है। तुझको सिमरन का अवसर दे निज चरणों में बुला रहा है। क्षणभंगुर और नश्वर तन को .... ईश्वर की करुणा कृपा का पूरा लाभ उठा ले बंदे। प्रभु नाम सुमिरन हीं काटे कटेगा, तेरे माया के फंदे। तेरा पिता बाहें फैलाए तेरी और निहार रहा है। क्षणभंगुर इस नश्वर तन को .... जन्म मरण से मुक्ति हेतु, तुझको श्रेष्ठ योनि में भेजा। निज स्वामी की सेवा देकर उसने तेरा भाग्य सहेजा। तेरा यशवर्धन के मित वो प्रभु महिमा को लिखा रहा है। क्षणभंगुर और जो दायित्व दिए हैं तुझको उसने ही पूरे करवाए, राम नाम लिखता लिखवाता ये सत्कार उसे है भाए। तुझसे प्रभु महिमा लिखवा कर, शत भक्तों से गवा रहा है। क्षणभंगुर और .... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह...
मेरे सिया के श्रीराम
भजन

मेरे सिया के श्रीराम

प्रतिभा दुबे "आशी" ग्वालियर (मध्य प्रदेश) ******************** मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, मेरे सिया के श्रीराम। उनके चरित्र चित्रण से सीखे, मर्यादा ये संसार।। मोहिनी मूरत मेरे श्रीराम की, दर्शन मिले अपार। पुलकित हो उठे मन मेरा, जब भी लूं राम का नाम।। नहीं भेद करते कभी प्रभु, भावनाओं के साथ। झूठे बेर सबरी के, प्रेम से खाते हैं मेरे श्रीराम।। केवट की नौका को भी, किया प्रभु ने प्रणाम। हाथ जोड़ के केवट को, दिया भवसागर से तार।। आज्ञा से पिता दशरथ की, गए प्रभु वनवास। ऋषि मुनि की सेवा कर, किया है प्रभु ने प्रवास।। रावण पर उपकार किया, करके युद्ध अपार। तरस रहा था मुक्ति को, श्रीलंका का सम्राट।। आजीवन की साधना, लेकर शिव शंकर का नाम। राम का रूप आनंद है, चरणों में जिनके चारों धाम।। सूर्य देव आराध्य हैं, कुल दीपक हैं जिनके श्रीराम। वनवासी कहो या घट घट वासी...
मुरलीधर
भजन

मुरलीधर

रतन खंगारोत कलवार रोड झोटवाड़ा (राजस्थान) ******************** मन बसिया, रंग रसिया गोपाल, तुझे छलिया कहूं या कहूं नंदलाल। हजारों नाम और असंख्य है अवतार, मधुर तेरी मुरली की हैं, तान ओ मुरलीधर।। गोकुलवासियों ने कोई पुण्य कमाया, जो मुरलीधर उनका सखा बन आया। सुख-दुःख का साथी बना नंदलाला, त्रिलोकी का नाथ बन गया रखवाला।। हंसी ठिठोली से चले जीवन की नैया, तारणहार ही बन गया सबका खवैया। सब ग्रामवासियों को बहुत प्रेम से समझाया, पर्वत की पूजा का जीवन में महत्व बताया।। पूजा टली इंद्र की तो, उसका क्रोध जगा, सात दिनों तक वर्षा का सैलाब लगा। त्राहि त्राहि मच गया जब चहूं ओर, तब हरी हर आये सुन दिन हीन पुकार।। गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाया, सब जीवों को उसके नीचे बसाया। मुरली की मधुर तान सुन सब भूल गए दुख और काज, तब से ही गिरधर बन गए गोवर्धन महाराज।। परिचय : रतन ...
राम
भजन

राम

विजय वर्धन भागलपुर (बिहार) ******************** जिनके होठों पर हों राम उनका जीवन सुधा समान उनका दिल कलुषित नहीं होता करते वे सबका कल्याण जिनके हिय में वसते राम उनका सब होता है काम जो भजते हैं राम का नाम उनका जीवन स्वर्ग समान वे करुणा के होते गागर जैसे राम दया के सागर जो अनुचार हैं रामचंद्र के वे होते हनुमान समान परिचय :-  विजय वर्धन पिता जी : स्व. हरिनंदन प्रसाद माता जी : स्व. सरोजिनी देवी निवासी : लहेरी टोला भागलपुर (बिहार) शिक्षा : एम.एससी.बी.एड. सम्प्रति : एस. बी. आई. से अवकाश प्राप्त प्रकाशन : मेरा भारत कहाँ खो गया (कविता संग्रह), विभिन्न पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।...
नगर-नगर में धूम मची है
भजन

नगर-नगर में धूम मची है

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** नगर-नगर में धूम मची है राम जी के नाम की। प्राण प्रतिष्ठा हो गई है पुरुषोत्तम श्रीराम की। नगर-नगर में ... मंगलाचरण से पावन हो गई धरती अयोध्या धाम की। घर आँगन में दीप जले हैं स्वागत में श्रीराम की। नगर-नगर में ... चारों ओर चर्चा है अब दीपोत्सव कीर्तिमान की। देख रहीं है दुनिया शक्ति अब भारत माता के नाम की। नगर-नगर में ... पूरी हो गई अभिलाषा अब भक्तों के बलिदान की। लहर चली है देखो अब सनातन के सम्मान की। नगर-नगर में ... अजर अमर गाथा है ये श्रीराम के नाम की। जय हो राम लक्षमण जानकी जय हो महावीर हनुमान की। नगर-नगर में ... परिचय :- कमल किशोर नीमा पिता : मोतीलाल जी नीमा जन्म दिनांक :१४ नवम्बर १९४६ शिक्षा : एम.कॉम, एल.एल.बी. निवासी : उज्जैन (मध्य प्रदेश) रुचि : आपकी बचपन में व्यायाम शाला में व्यायाम,...
सब शौक हुए पूरे
भजन

सब शौक हुए पूरे

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** , अब सांसों को जीना है। अमृत ज्ञान दे रहा ईश्वर, अब बस उसको ही पीना है। सब शौक........ दी हमको श्रेष्ठ योनि, उपकार है प्रभु का। परिवार दिया उत्तम, ये प्यार है प्रभु का। दायित्व जो भी देता, पूरे वही कराता। जैसे भी प्रभु रक्खे, वैसे हमें जीना है। सब शौक........ सृष्टि का वो सृजन कर रहा, ये है कार्य प्रभु का। सृष्टि को पोषण भी, एक कार्य है प्रभु का। गिनती की मिली सांसे, निश्चित है ये रुकेंगी। जो भी बची हैं उनको, सुमिरन में लगाना है। सब शौक............ मानव की योनि ईश्वर, मुक्ति के हेतु देता। बुद्धि विवेक देकर, वो श्रेष्ठ बना देता। प्रभु नाम में ही रमकर, मुक्ति हमें पाना है। सब शौक.......... परिचय :- प्रेम नारायण मेहरोत्रा निवास : जानकीपुरम (लखनऊ) घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि म...
देवों के महादेव
भजन

देवों के महादेव

डॉ. राम रतन श्रीवास बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ******************** शिव की भक्ति शिव की शक्ति, सावन का मास जो आया.....। देवों के महादेव को भक्तों ने बुलाया ...।। प्रथम वंदना गौरी नंदन, त्रिविध ताप हर पुष्प चढ़ाया....। देवों के महादेव को भक्तो ने बुलाया ...।। शिश जटा प्रभु चंद्र विराजे, हे भोलेनाथ भंडारी..... । देवों के महादेव को भक्तो ने बुलाया ...।। त्रिपुंड़ धारी गले शेष विराजे, त्रिशूल बाघांबर सोहै..... । देवों के महादेव को भक्तों ने बुलाया ...।। भक्तों पर सहज कृपा जो करते, आशुतोष कहलता .....। देवों के महादेव को भक्तों ने बुलाया ...।। "राधे" की विनती सुन लो हर, भक्तों की कष्ट मिटाओ हर हर.... । देवों के महादेव को भक्तों ने बुलाया ...।। ┈┉═❀❀═┉┈ परिचय :-  डॉ. राम रतन श्रीवास निवासी : बिलासपुर (छत्तीसगढ़) साहित्य क्षेत्र : कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्यिक मंच छत...
आयीं माँ दुर्गे हमारे द्वार
भजन

आयीं माँ दुर्गे हमारे द्वार

डॉ. कोशी सिन्हा अलीगंज (लखनऊ) ******************** डोली पे होके माँ सवार आयीं माँ दुर्गा हमारे द्वार धूप दीप और नैवेद्य चढाऊँ पावन पूत कलश बिठाऊँ आरती उतारूँ मैं बारम्बार आयीं माँ दुर्गा हमारे द्वार स्वागत में माँ के गीत गाऊँ धुन पे गरबा नाच नचाऊँ झमक झूमूँ होके मैं तैयार आयीं माँ दुर्गा हमारे द्वार दु:ख हरण हित तू माँ आयीं दुष्ट दलन हित पाँव बढ़ायी पहनाऊँ तुझे मैं विजयी हार आयीं माँ दुर्गा हमारे द्वार। परिचय :- डॉ. कोशी सिन्हा पूरा नाम : डॉ. कौशलेश कुमारी सिन्हा निवासी : अलीगंज लखनऊ शिक्षा : एम.ए.,पी एच डी, बी.एड., स्नातक कक्षा और उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन साहित्य सेवा : दूरदर्शन एवं आकाशवाणी में काव्य पाठ, विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में गद्य, पद्य विधा में लेखन, प्रकाशित पुस्तक : "अस्माकं संस्कृति," (संस्कृत भाषा में) सम्मान : नव सृजन संस्था द्वारा ...
तुम्हारी सदा हो जय जयकार
भजन

तुम्हारी सदा हो जय जयकार

कमल किशोर नीमा उज्जैन (मध्य प्रदेश) ******************** अम्बे, जगदंबे, जग जननी तुम जग की हो पालनहार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … जय माँ लक्ष्मी, सरस्वती तुम सब के जीवन का आधार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … नौ रुपों की महारानी हो तुम तुम्हारी महिमा अपरंपार। बड़े बड़े असुरों का तुमने कर दिया संहार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … नौ तत्वों की रचना तुम्हारी सुन्दर ये संसार। जलचर, थलचर, नभचर सब मे तुम्हारी शक्ति का संचार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … नौ रात्रि सा प्यारा न जग मे दूजा है त्योहार। भक्ति रस मे डूबे जग सारा ख़ुशियाँ मिले अपार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … जगमग दीप जलाएँ सब बाँधें बंदनवार। मंगल गीत तुम्हारे गाएँ माँ आओ हमारे द्वार। तुम्हारी सदा हो जय जयकार … जय महा काली, शेरावाली सब पर करो उपकार। अपने भक्तों को दर्शन दे दो माँ सुनलो सब की पुकार। त...
तू है जगत पिता
भजन

तू है जगत पिता

प्रेम नारायण मेहरोत्रा जानकीपुरम (लखनऊ) ******************** तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। तूने करुणा बरसाई तो जीवों में अग्रज हूं। तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। मैं संसारी जग में आया जगमाया में डूबा, मैं मेरा में सीमित रहकर जीवन से था ऊबा। तेरी सेवा जब पाई थोड़ी जीवन में रस आया, सुमिरन का जब जाम पिया तो जग का कुछ ना भाया। तेरे सृजन के रस में डूबा भंवरा हूं, पंकज हूं। तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। तेरी कथा सुनना-सुनवाना ही अब मुझको भाता, तेरा नाम जपता, जपवाता इसमें ही दिन जाता। जितनी सांसे हो खाते में निज सेवा में रखना, तेरे नाम से तृप्त आत्मा अब जग का क्या चखना। राह का एक कंकड़ था, अब तेरे चरणों की रज हूं। तू है जगत पिता तो मैं भी तेरा ही वंशज हूं। तेरे भक्त गाली भी दे तो तेरा प्रसाद ही समझूं , मान और अपमान ...