गणपति उत्सव
प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे
मंडला, (मध्य प्रदेश)
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गणपति उत्सव सुख लिए,बाँट रहा आनंद।
मंगलकारी काज हर, अशुभ राह हर बंद।।
गणपति जी की साधना, करते हैं जो नित्य।
उनका जीवन हर समय, दमके ज्यों आदित्य।।
सुख मिलते हर भक्त को, और सदा वरदान,
प्रथमपूज्य की कृपा से, जीवन में लालित्य।।
गणनायक आये जगत, ले उत्सव को संग।
अमन-चैन के खिल गए, जग में चोखे रंग।।
अंतर्मन में चेतना, दमक रहा उजियार।
गणपति जी का आगमन, भाग रहा अँधियार।।
रिद्धि-सिद्धि के संग में, रहें गजाननराज।
मात-पिता के मान की, नित चोखी आवाज़।।
गणपति पूजन हो रहा, मंगलकारी भाव।
प्रथमपूज्य हे देव तुम, देना सच का ताव।।
सदा बनाते ईश तुम, सबके बिगड़े काज।
चमत्कार फिर से करो, सिद्धिविनायक आज।।
परिचय :- प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे
जन्म : २५-०९-१९६१
निवासी : मंडला, (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : एम.ए (इतिहास) (मे...

