
प्रो. आर.एन. सिंह ‘साहिल’
जौनपुर (उ.प्र.)
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राजनीति इस कदर हो गई क्षुद्र हमारे देश में
हर पल ही विष घोल रहे हैं मानवीय परिवेश में
जाति पाँति मज़हब भाषा हथियार बनाया जाते हैं
विषधर के भी विष से घातक विष रहता संदेश में
बुद्धिहीन भेंडों जैसे कुछ लोग यहाँ पर दिखते हैं
हाँक रहे चालाक गड़ेरिया शुभ चिंतक के भेष में
गुजरे कितने साल साथ में फिर भी मन में दूरी है
देश हो गया ग़ौण आज भी रुचि है वर्ग विशेष में
मुट्ठी भर ताक़त वालों का संसाधन पर क़ब्ज़ा है
आम आदमी शोषित वंचित काट रहा दिन क्लेश में
बापू का दिल रोता होगा देख सियासी चालों को
हत्या लूट डकैती निसदिन राम कृष्ण के देश में
दुर्योधन हिरणाकश्यप रावण भी पीछे छूट गये
टहल रहे साहिल है अगणित कालिनेम के वेष में
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परिचय :- प्रोफ़ेसर आर.एन. सिंह ‘साहिल’
निवासी : जौनपुर उत्तर प्रदेश
सम्प्रति : मनोविज्ञान विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
रुचि : पुस्तक लेखन, सम्पादन, कविता, ग़ज़ल, १०० शोध पत्र प्रकाशित, मनोविज्ञान पर १२ पुस्तकें प्रकाशित, ११ काव्य संग्रह सम्पादित, अध्यक्ष साहित्यिक संस्था जौनपुर उत्तर प्रदेश
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