
आशा शर्मा
धरमपुरी, इंदौर (मध्य प्रदेश)
********************
बैसाख और ज्येष्ठ
मास की तपन है।
तन-मन झुलसे हुए,
आकाश की ओर देख रहे हैं।
पेड़-पौधों को, पशु-पक्षियों को,
बादलों की प्रतीक्षा है।
आषाढ़ मास आ गया है,
बादलों ने आ आकर
नर्तन किया है।
कोई श्वेत, कोई मटमैले,
कोई श्याम रंग में उमड़ रहे हैं।
वायुमंडल में भी हलचल है,
शीतल वायूके झोंको की
राह सृष्टि तक रही है।
सूर्य उदित है, पर
प्रकाश धुंधला सा है,
बादल गड़गड़ाहट के
साथ संदेश दे रहे हैं।
दामिनी ने चमक कर कहा,
अब बरसों, तपन से
सब झुलस रहा है।
बूंद-बूंद गिरते-गिरते,
मूसलधार बारिश होने लगी है।
अब तो सृष्टि
शीतलता से प्रसन्न हैं,
क्यों कि सूरज भी जल से,
मित्रता करके शीतल हो गया है।
उदित भी है शीतल भी है,
परंतु प्रसन्न भी है।
शीतलता की आवश्यकता,
सूरज को भी तो है,
वहथक गया है।
इसीलिए सूरज ठंडा हो गया है।
बारिश में सूरज ठंडा हो गया है।
परिचय : आशा शर्मा
पति : श्रीहनुमान प्रसाद शर्मा
निवासी : धरमपुरी सांवेर रोड इंदौर (मध्य प्रदेश)
सम्प्रति : शिक्षिका हायरसैकैंडरी स्कूल
साहित्यिक परिचय : कविता, भजन, लघुकथा, लेख, आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। शिक्षण कार्य में निबंध लेखन किया है।
अन्य : विश्व रचनाकार मंच, शारदा साहित्य मंच, मनपसंद हास्य योग कला साहित्य मंच, शब्दसागर समूह, शुभ संकल्प समूह, आदि मंचों पर निरंतर लेखन कार्य। एवं पूर्व में आडियो कैसेट के लिए लेखन। अंतरराष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अयोध्या मंच, पर संचालन, शुभ संकल्प समूह प्रकाशन से एवं अनेक मंचों से श्रेष्ठ लेखन के लिए सम्मानित।
प्रकाशन : “मैं कणिका मेरी कथा” आत्मकथा का प्रकाशन।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻





















