
आशा शर्मा
धरमपुरी, इंदौर (मध्य प्रदेश)
********************
आग जब फैलती है
तो सब कुछ स्वाहा
कर ही देती है।
यदि समय पर
बुझाया ना गया तो
फिर कुछ नहीं बचता है।
मैं जिस आग को
फैलते देख रही हूं,
उसकी बात करती हूं।
लव-जिहाद,
समाज में है।
संस्कृति को
मिटाने का जिहाद।
परिवार नियोजन
नाम का जिहाद।
नशीली वस्तुओं का
जिहाद हर शहर,
हर गांव में,
शराब की बढ़ती
दुकानों का जिहाद।
शारीरिक
शोषण का जिहाद।
धर्म स्थलों को भ्रष्ट
करने का जिहाद।
धर्म परिवर्तन
करवाने का जिहाद।
शिक्षा प्रणाली में
समाया हुआ गलत
इतिहास का जिहाद।
धार्मिक भावनाओं को
ठेस पहुंचाते
जाने का जिहाद।
रोजगार और अर्थ
प्रणाली का जिहाद।
और भी कई धीमे-धीमे
जहर वाले जिहाद चल रहे हैं।
हमारी नाक के नीचे,
हम चारों ओर से
जिहाद की आग से
घिरते जा रहे हैं।
यह हादसे भी
उसी का, एक रुप हैं।
ईश्वर का कोप
कह सकते हैं।
जब प्रकृति को
छेड़ा जाएगा,
धर्म स्थलों पर
व्यभिचार किया जाएगा,
तो ईश्वर भी क्रोध में
दावानल सा दृश्य
उपस्थित करके
समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
जागो
भारत वर्ष को इन जिहादों
और जिहादियों से
मुक्त कराया जाना
नितांत आवश्यक
हो गया है।
वरना
एक दिन वह स्वयं आएगा,
ऐसी अग्नि का तांडव होगा,
सारा जिहाद क्षण भर में ,
जिहादियों के साथ संसार
से उठा दिया जाएगा।
इस आग को अभी
अंकुश लगाना है।
भारत और भारतीय
संस्कृति को बचाना है।
जागो जागो हे
त्रिपुरारी शरण में तिहारी।
परिचय : आशा शर्मा
पति : श्रीहनुमान प्रसाद शर्मा
निवासी : धरमपुरी सांवेर रोड इंदौर (मध्य प्रदेश)
सम्प्रति : शिक्षिका हायरसैकैंडरी स्कूल
साहित्यिक परिचय : कविता, भजन, लघुकथा, लेख, आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। शिक्षण कार्य में निबंध लेखन किया है।
अन्य : विश्व रचनाकार मंच, शारदा साहित्य मंच, मनपसंद हास्य योग कला साहित्य मंच, शब्दसागर समूह, शुभ संकल्प समूह, आदि मंचों पर निरंतर लेखन कार्य। एवं पूर्व में आडियो कैसेट के लिए लेखन। अंतरराष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अयोध्या मंच, पर संचालन, शुभ संकल्प समूह प्रकाशन से एवं अनेक मंचों से श्रेष्ठ लेखन के लिए सम्मानित।
प्रकाशन : “मैं कणिका मेरी कथा” आत्मकथा का प्रकाशन।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।
कृपया लिंक को खोलकर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻


















