आतिश बाज़ी सीं
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सिद्धि डोशी
प्रतापगढ़
आतिश बाज़ी सीं होंगी आसमान मैं
जब तु आयेगा ज़िन्दगी मैं
जशने बहारें सी होगी ज़िंदगी
जब तू मेरे नाम होगा
मेहन्दी से भी गहरा
ये प्यार तेरे लिये होगा
ये नसीब की बात है जब मिले एक दूजे से हम
अब मेरा इन्तज़ार ख़त्म होगा
जब तू मेरे साथ हो जाएगा
खूशी होगी अब इतनी ज़िंदगी में
सिर्फ़ नशा तेरे नाम का होगा
ज़िंदगी से प्यार होगा
जब तू मेरे साथ हो जाएगा
.लेखक परिचय :- १९ वर्षीय सिद्धि डोशी बीबी.ए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं आप प्रतापगढ़ की निवासी होकर अभी इंदौर में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं हिंदी अध्यन मैं आपकी गहन रुचि है अभी तक आपने ४० शायरियां व ५० कविताओं की रचना की है आपकी कविता पढ़ने-लिखने और हिंदी साहित्य में रुचि है।
आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी क...




















