सिंहस्थ २०१६ का परिदृश्य
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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एक दो माह पहले साधु संतों का आगमन अपनी कुटिया व आश्रम की देख रेख के लिए आना चालू हुआ उसमें जो बन सका हम दोनों ने मै और मेरे पतिदेव ने भोजन की सेवा दी अपने हाथों से भोजन बनाती और उन्हें पवाती मन को बहुत शकुन मिलता और आनंद का अनुभव प्राप्त होता और संत सेवा का अवसर हम जैसे तुच्छ प्राणी को मिला। सिहस्थ धीरे-धीरे चालू होना आरंभ हुआ और हम चैतन्य ग्रुप के सदस्य बने सिहस्थ के १५ दिन पहले से ही संतों का आगमन चालू हो गया। बड़े-बड़े जुलूस और पेशवाई निकलने लगी और संतो की अगवानी की व खूब नाच गाना किया फिर देखो साधु संत बहुत खुश, संतों ने खूब नोटों की बारिश की खूब मनमोहक दृश्य रहा यह नजारा हमारे संत नगर का रहा जो मेरे गुरु अवधेशानन्दजी की पेशवाई का था, जो आज भी नयनों के सामने आ जाता है।
खूब साधु संतों के दर्शन किए खूब पं...

