सच्चाई की राह में
डॉ. प्रताप मोहन "भारतीय"
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
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बहुत कांटे मिलेंगे
सच्चाई की राह में।
बहुत लोग रोड़ा लगायेंगे
सच्चाई की राह में।
आसान नहीं है चलना
सच्चाई की राह में।
दोस्त दुश्मन बन जायेंगे
सच्चाई की राह में।
ये दुनियां सच्चाई
पसंद नहीं करती है।
झूठ बोल कर
अपना गुजारा करती है।
जो भी सच्चाई की
राह में चला है।
उसको अपनो ने
ही छला है।
झूठ का कोई भविष्य नहीं
सच हमेशा जीतेगा।
चलते रहिये सच्चाई की राह पर
भविष्य उज्जवल रहेगा।
परिचय : डॉ. प्रताप मोहन "भारतीय"
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।
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