इन्तजार
किरण पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
********************
राम नाम ही आधार,
राम के मिलन का,
राम ही तपस्या थी...
शबरी के इंतजार का।
भाव ही तो राम था,
प्रबल भाव राम था,
भाव ही तो भक्ति थी....
राम से अनुराग था।
बैर मैं ही भेद था ,
जो राम से मिलान का,
बैर ही बहाना था...
राम से मिलान का।
और सब बहाना था,
बहाना भी मिलान का,
शबरी के इन्तजार का...
बस राम ही इन्तजार था।
जीवन मै राम नाम का,
इन्तजार ही तो राम था,
इन्तजार जब खत्म हुआ....,
दर्शन हुआ राम का।
परिचय : किरण पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : बी.कॉम इन कॉमर्स
व्यवसाय : बिजनेस वूमेन
विशिष्ट उपलब्धियां :
१. अंतर्राष्ट्रीय साहित्य मित्र मंडल जबलपुर से सम्मानित
२. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन से सम्मानित
३. १५००+ कविताओं की रचना व भजनो की रचना
...






















