छोड़ बुराई नेक बन
निज़ाम फतेहपुरी
मदोकीपुर ज़िला-फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)
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(दोहा छंद)
छोड़ बुराई नेक बन, पाप करे शैतान।
स्वर्ग नर्क सब कर्म से, तेरे है इंसान।।
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समझ समझ समझा नहीं, समझ नहीं थी यार।
वो तो मेरे पास है, ढूॅंढ रहा बेकार।।
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नेता बन मंत्री बनो, डिग्री का क्या काम।।
पढ़े लिखे बेकार सब, घूम रहे गुमनाम।।
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ख़त्म सफ़र कब मौत से, आगे भी है और।
सोच जहाॅं की छोड़ दे, वहाॅं बना ले ठौर।।
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सबको जाना एक दिन, भला बुरा क्या संत।
रहा सदा कोई नहीं, सबका होगा अंत।।
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चल मुसाफिर समय हुआ, रुकना है बेकार।
हुआ आजाद कैद से, टूट गई दीवार।।
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हुआ नहीं है कल कभी, मत ले कल का नाम।
जो कुछ है वो आज है, कल का कल क्या काम।।
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झूठ झूठ है सच नहीं, सच से जिंदा झूठ।
मिटे झूठ जब सच हटे, जैसे जल कर...

















