Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Wednesday, August 5राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

सतरंगी दुनिया – २५

डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
********************

 आज प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता से जो निवेदन किया गया, उसका असर अब दिखने लगा है। आज सुबह-सुबह कामवाली बाई का फोन आया- बर्तन, कपड़े मेरे घर-घर भेज दो। मोदी जी ने वर्क फ्राम होम का आर्डर दिया है। *जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, छोटे अक्षर दिखाई नहीं देते। शायद यह एक इशारा ही है, कि बढ़‌ती उम्र के साथ छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करें।* इस दुनिया में खुश वही लोग हैं, जो स्वयं का मूल्यांकन करते हैं, और दुखी वो हैं, जो दूसरों का मूल्यांकन करते हैं। अजीब बात है कि एक पत्थर एक बार मंदिर जाने पर भगवान बन जाता है, परन्तु इंसान हजार बार मंदिर जाता है पर इंसान नहीं बन पाता है। अपने रिश्तों की बगिया में एक रिश्ता नीम के पौधे जैसा भी रखिए, जो सीख भले ही कड़वी देता है, पर तकलीफ में मरहम का काम करता है।
*आधुनिक युग मिलावट का युग है। सबकी हाँ में हाँ मिला दिया करो, रिश्तों की उमर बढ़ जाएगी।* जिस पल को आपने अच्छे से जी लिया, वही ज़िंदगी है, बाकी सब तो कैलेण्डर की तारीखें है। पारिवारिक टेंशन एक ऐसी बीमारी है, जो इंसान को अंदर से खा जाती है। इसलिए टेंशन मत पालें। यदि आप खुश हैं तो ये बात दुनिया को न बताएं, क्योंकि लोग अक्सर खिले हुए फूलों को पहले तोड़ते हैं। इसलिए अपनी खुशी छिपाकर रखिए। *याद रखिए पैसा सिर्फ आपकी लाइफ-स्टाईल बदल सकता है, दिमाग, नीयत और किस्मत नहीं।*
मैंने मौत को देखा तो नहीं, पर शायद वह बहुत खूबसूरत होगी, कमबख्त जो भी उससे मिलता है, जीना छोड़ देता है। बड़ों का दिया आशीर्वाद और अपनों की दी हुई शुभकामनाओं का कोई रंग नहीं होता, लेकिन जब ये रंग लाते हैं तो जीवन में रंग भर जाते हैं। *आज बैंक में एक पेंशनर ने पूछा-अधिक मास की पेंशन इस मास की पेंशन के साथ मिलेगी या अलग से ?*
तकलीफ होने पर जो व्यक्ति सबसे पहिले याद आए, वो ज़िंदगी का सबसे कीमती इंसान होता है। *बैंक खाते की तरह यदि दिल को आधार कार्ड से जोड़ दिया जाए तो पता चल जाएगा कि दिल के कितने खाते हैं।*
मुस्कान और सम्मान दुनिया का सबसे बड़ा धन है। इन्हें कमाना सीखिए, ज़िंदगी खूबसूरत बन जाएगी। *अच्छी राय और अच्छी चाय सब जगह नहीं मिलती है।* चाय पीकर खुश रहा करो, ज़िंदगी का क्या है; ये तो वैसे भी उबल रही है। रिश्तों की कदर कीजिए। रिश्तों की पाठशाला वहीं चलती है, जहाँ राजनीति और गणित के विषय नहीं होते। संभल कर रहिए जमाने से- क्योंकि आजकल के लोगों को आप नहीं चाहिए, बल्कि आपसे मिलने वाला फायदा चाहिए। *दर्द और दौलत में फर्क देखिए-दर्द पाकर लोग अपनों को याद करते हैं और दौलत पाकर अपनों को भूल जाते हैं।*
टेंशन, डिप्रेशन और बैचेनी इंसान को तभी होती है, जब वह खुद के बारे में कम और दूसरों के बारे में ज्यादा सोचता है। इसलिए स्वयं पर पहिले ध्यान दीजिए। *चालाकी वो अभागी सड़क है, जो हर बारिश के बाद उखड़ जाती है।* भगवान ने इंसान बनाया था प्यार करने के लिए और पैसा बनाया था इस्तेमाल करने के लिए, पर इस कलियुग में उल्टा हो रहा है। लोग पैसे से प्यार करते हैं और इंसान का इस्तेमाल करते हैं।
बीवीयाँ भी अजीब होती हैं। शौहर से झगड़ा हो गया। बीवी से तंग आकर शौहर खुदकुशी करने जाने लगा, तो बीवी ने कहा-जाने से पहिले २-४ सफेद सूट दिलवाकर जाओ, अन्यथा मैं क्या पहनूंगी। *शौहर कब खुश होता है, जब बीवी नयी हो या बीबी नहीं हो।*
लड़‌कियाँ खाना कम खाती हैं, शायद भाव इसलिए ज्यादा खाती हैं।

परिचय : डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।


कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *