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सतरंगी दुनिया -२६

डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
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*अजीब बात है, कि वो इंजीनियर नहीं है फिर भी तारीफ के पुल बाँध लेता है।* हँसना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है, पर दूसरों पर हँसना हमारे लिए हानिकारक है। उम्र बढ़ने के साथ हमें यह नहीं सोचता चाहिए कि हम ओल्ड हो गए हैं, बल्कि ऐसा सोचना चाहिए, कि हम तपकर गोल्ड हो गए हैं। उमर कहती है कि अभी थोड़ी भक्ति कर ले, पर दिल कहाँ है, मानता वो तो कहता है कुछ मस्ती कर ले। *यदि आप उम्र को हराना चाहते हैं, तो आप अपने शौक जिन्दा रखिए।* यदि आप खुश रहना चाहते हैं तो इस बात पर ध्यान मत दीजिए कि कौन क्या कर रहा है, कब कर रहा है और क्यों कर रहा है ?
अब मुझे उम्र समझाती है कि अब जिंदगी की शाम हो गयी है, परतुं दिल कहता है कि महफिल तो शाम को ही शुरू होती है। बुढ़ापे में भी जवानी का जोश रखिए। माना हमारा तन कछुआ होता है, मगर जनाब हमारा मन तो खरगोश होता है। मिसेज शर्मा आज आँखों की जांच कराने डॉक्टर के पास आई तो डॉक्टर ने कहा- जैसे आप पति को घूरकर देखती हो, उसी प्रकार मशीन में देखिए। *सब कुछ उधार मिल जाता है, अगर किस भी उधार मिलता तो लोग यह कहते कि आज तुम मुझे किस दो, कल में वापस कर दूंगा।* हमेशा एक्टिव रहिए, साइलेंट मोड पर केवल फोन अच्छे लगते है, रिश्ते-नाते, दोस्त नहीं।
मित्रता की कोई उम्र नहीं होती, ना सीमा होती है। बस जहाँ मन और विचार मिलें, वहाँ हो जाती है। *लोग कहते हैं- काला रंग अशुभ होता है। लोगों की बात पर ध्यान मत दीजिए, क्योंकि स्कूल का काला बोर्ड सबकी ज़िंदगी बदल देता है।* फीमेल शब्द में मेल आता है, शी में ही आता है। वूमेन में मेन आता है। पुरुष की पुरानी आदत है महिलाओं के बीच घुसने की।
*धूप बहुत बढ़ रही है, पर धूप को ये पता नहीं कि हमारे शहर में पिघलने वाले दिल अब नहीं रहते हैं।* लोगों को देखिए- अपनों को छोड़कर अपने ढूंढते हैं लोग। एक बार मैंने भी रोड-शो किया था, जब मेरी शादी थी। जमानत जब्त और आजीवन कारावास। *मास्टर जी ने बच्चे से पूछा- हमें अधूरे सपने पूरे करने के लिए क्या करना चाहिए ? बच्चा ने बड़ा मजेदार उत्तर दिया- हमें फिर से सो जाना चाहिए।* एक चपरासी के लिए योग्यता निर्धारित है कि कम-से कम मिडिल स्कूल पास होना चाहिए, मगर देश को चलाने वाले नेताओं के लिए शैक्षणिक योग्यता का होना कोई जरूरी नहीं है। हम एक अनपढ़ आदमी को भी देश का शिक्षा मंत्री बना सकते हैं।
गुण अब ३६ की जगह ४ मिलाना चाहिए- (१) अच्छा व्यवहार (२) साफ नीयत (३) नेक दिल (४) ईमानदारी। दुनिया का कोई भी डॉक्टर उन टाँगों को ठीक नहीं कर सकता है, जो दूसरों के मामलों में अड़ाई जाती है। ज़िंदगी के हर मौक़े का फायदा उठाना चाहिए, परन्तु किसी के भरोसे का फायदा नहीं उठाना चाहिए। यह बात समझ से दूर है कि अंतिम यात्रा में शामिल होने लोग दूर-दूर से पहुंच जाते हैं, लेकिन बात जीते-जी सहारा देने की बात हो तो लोग दूर भाग जाते हैं। न खुशी खरीद पा रहा हूँ और न ही गम बेच पा रहा हूँ। फिर भी न जाने क्यों रोज सुबह कमाने निकल जाता हूँ। कुछ लोग दरवाजे खोल जाते हैं, या तो दिल के या दिमाग़ के। हकीकत ये है कि ज़िंदगी में कोई अपना नहीं होता है। वक़्त के साथ लोग जुड़ते हैं और टूटते हैं। दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, परन्तु एक सफलता ही है जो ठोकर खाकर ही मिलती है।

उन्होंने किया है मेरे दिल पर जबरदस्ती कब्जा,
न किराया देते हैं और न खाली करने की बात करते हैं।

परिचय : डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।


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