
डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
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जीवन में हमें कभी घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि सुबह होने तक फूलों को भी नहीं पता होता है, कि मंदिर जाना है या अर्थी पर। कभी परेशान हो तो रास्ता मत बदलिए, खुद कोबदल लीजिए; काम आसान हो जाएगा। जब अपनों पर शक और परायों पर भरोसा हो जाए, वहाँ रिश्ते ही नहीं, पूरी जड़ें हिलने लगती है। *बीवी को पैसे और पाकिस्तान को जितने भी सबूत दो, कम लगते हैं।* दुनिया का कड़वा सच-माता-पिता की
कमाई हमेशा अपने बच्चों के लिए होती है, लेकिन बच्चे अपनी कमाई से माँ-बाप का ध्यान नहीं रखते हैं।
टीचर ने बच्चे से पूछा- कोई ऐसा वाक्य बनाओ, जिसमें उर्दू, हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी चारों भाषा आती हो। लड़के ने जवाब दिया – इश्क दी गली विच नो इंट्री। उत्तर सुनकर टीचर कोमा में है। जब उम्र की ढलान पर साँसों की आहट होने लगे, तब ख्वाहिशें कम, सुकून ज्यादा तलाश करें। कभी भी खुद को शिक्षित समझकर भगवान को भूलने की गलती ना करें, क्योंकि काल कर्म देखता है डिग्री नहीं। आस्था और विश्वास दोनों ही अदृश्य चीजें है, पर वे ही असंभव को संभव बना सकती हैं। कोई भी रिश्ता कितना लम्बा चलेगा, ये भाग्य पर नहीं, बल्कि तुम्हारे व्यवहार पर निर्भर करता है।
जब भी आपको खुशियाँ मिलें, तो उसे मत भूलिए जिसकी वजह से ये खुशियाँ मिली है। यदि आप ज़िंदगी में खुश रहना चाहते हैं, तो दिल बड़ा और उम्मीद छोटी रखें, पर आजकल इसका उल्टा ही हो रहा है। पैसा रखने के लिए बैंक और सोना रखने के लिए लॉकर मिलना आसान है, लेकिन दिल की बात रखने के लिए सही इंसान मिलना बहुत मुश्किल है। ‘विश्वास’ कितना छोटा शब्द है, इसे पढ़ने में कुछ सेकंड, सोचने में मिनट, समझने में दिन और साबित करने में पूरी ज़िंदगी निकल जाती है। *मुझे ‘पसंद’ हैं वो लोग, जो मुझे पसंद नहीं करते-कम से कम अपना होने का दिखावा तो नहीं करते।* *मजाक के पीछे छुपी जलन को पहचानना सीखिए, क्योंकि हर हँसी में अपनापन नहीं होता।* आजकल आदमी इसलिए ज्यादा परेशान है, कि जो गर्मी हमारे रिश्तों में होनी चाहिए, वो दिमाग में है।
आप अपनी दुनिया के सिकंदर हैं, यदि आपके माँ-बाप और बच्चे आपसे खुश हैं। आरोप लगाने से मुसीबत नहीं टलती है और मुसीबत आए बिना आँखें नहीं खुलती। जहाँ हम गलत हों, वहाँ माफ़ी बनती है मगर जहाँ चालाकी हो, वहाँ हमेशा के लिए दूरी बनती है। सच किसी को अच्छा नहीं लगता है, लोग वही सुनना चाहते हैं जो उन्हें अच्छा लगता है। अपनी कमजोरी किसी को मत बताएं, वरना लोग आपकी ज़िंदगी का तमाशा बनाएंगे। सच्चाई और अच्छाई अगर खुद में नहीं है तो पूरी दुनिया ढूंढ लीजिए, कहीं भी नहीं मिलेगी। पत्नी ने पति से शिकायत की कि बेटा बहुत खराब हो चुका है। घर में जहाँ भी पैसे रखती हूँ, ढूंढ कर खर्च कर देता है। पति ने कहा- अबकी बार पैसे तुम उसकी किताब में रख दो, कभी नहीं ढूंढ पाएगा। रिश्तों की नींव अचानक नहीं हिलती है, वो तब हिलती है जब हर कोई अपने हिस्से की ईंट खींच लेता है। पता नहीं, मोबाईल में कौन से विटामिन और मिनरल हैं कि एक दिन मोबाईल उपयोग न करो तो बहुत सुस्ती फील होती है। टीचर ने बच्चे से पूछा- पैसा और अक्ल में से किसको चुनोगे ? बच्चे ने उत्तर दिया- पैसा। टीचर ने कहा-अगर मैं होती तो अक्ल चुनती। तब बच्चे ने कहा- मैडम, जिसके पास जिस चीज़ की कमी होगी, वो वही चुनेगा।
ताकतवर होकर भी झुक जाना श्रेष्ठ गुण है और झुककर भी सामान्य बने रहना सर्वश्रेष्ठ गुण है। जीवन में आपसे कौन मिलेगा, ये समय तय करेगा, जीवन में आप किससे मिलोगे- ये आपका दिल तय करेगा, परन्तु जीवन में आप किस-किस के दिल में बने रहोगे, ये आपका व्यवहार तय करेगा। जब लोग पूछते हैं, कि आप क्या काम करते हो ?, वास्तव में वो हिसाब लगाते हैं, कि आपकी कितनी इज्जत करनी है। हम अपने जीवन के कुम्हार खुद ही हैं। न हमें कोई बना सकता है, और न कोई बिगाड़ सकता है।
वो मेरी नस-नस से वाकिफ है
वो एक नर्स है, नहीं कोई मेरी आशिक है।
परिचय : डॉ. प्रताप मोहन “भारतीय”
निवासी : चिनार-२ ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
घोषणा : मैं यह शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ कि उपरोक्त रचना पूर्णतः मौलिक है।
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