धीरे-धीरे हँसना प्रिये …
इंद्रजीत सिहाग "नोहरी"
गोरखाना, नोहर (राजस्थान)
********************
धीरे-धीरे हँसना प्रिये,
मेरा मुझसे ही कहना प्रिये।
सोणी-सोणी है मेरी नार,
सच्चा-सच्चा है तेरा मेरा प्यार।।
तुझको मेरे पास रहना है,
सच्चा साथ निभाना है।
धीर धारण करके रहना है,
मुझे महकाते रहना है।
मुझसे ही है तेरा श्रृंगार,
मेरे बिना श्रृंगार है बेकार।
धीरे-धीरे हँसना प्रिये,
मेरा मुझसे ही कहना प्रिये।
सोणी-सोणी है मेरी नार,
सच्चा-सच्चा है तेरा मेरा प्यार।।
रातें काली-काली होती हैं,
फिर भी सुंदर सुबह होती हैं।
रातों में मीठी-मीठी बातें होती हैं,
मगर अधूरी रह जाती हैं।
मेरी परछाई बनना प्रिये,
मरने से पहले साथ रहना प्रिये।
इस जीवन में मेरी हो प्रिये,
फिर कहना मेरा ये ही है प्यार।
सबको सच्च कहना,
इसको ही कहते है सच्चा दिलदार।
धीरे-धीरे हँसना प्रिये,
मेरा मुझसे ही कहना प्रिये।
स...


















